पुणे मर्डर : परिवार के एक शक से खुल गई पोल, केतन की मौत का सच आया सामने
केतन अपनी मंगेतर सिया के साथ (Photo: X)
Pune Murder: पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. जांच में दावा किया गया है कि इसी वजह से दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया. पहले इसे हादसा मानकर जांच की गई लेकिन परिवार के एक शक से पूरी पोल खुल गई.
Pune Murder: 18 जून को कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोनावला के पास स्थित लोहागढ़ किले घूमने गए थे. यह सिया के जन्मदिन का खास आउटिंग था, क्योंकि अगले दिन यानी 19 जून को वह 20 साल की होने वाली थी. घटना के बाद सबसे पहले सिया ने ही पुलिस को पूरी कहानी बताई. उसने दावा किया कि लोहागढ़ किले के पास फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया. शुरुआत में पुलिस ने इसे एक हादसा मानकर जांच की. दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया और ऊपर से देखने पर ऐसा लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया है.
परिवार को क्या हुआ शक?
हालांकि, केतन का परिवार इस कहानी से संतुष्ट नहीं था. परिजनों का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और इलाके से अच्छी तरह परिचित था. ऐसे में उस जगह पर उसका यूं अचानक संतुलन खोकर खाई में गिर जाना उन्हें संदिग्ध लग रहा था. केतन के परिवार ने जांचकर्ताओं के सामने कई सवाल उठाए. परिजनों ने बताया कि केतन लोहागढ़ किले के इलाके से अच्छी तरह वाकिफ था और पहले भी वहां ट्रेकिंग कर चुका था. ऐसे में उसकी मौत को महज हादसा मानना उन्हें सही नहीं लगा.
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की. जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल लोकेशन डेटा की पड़ताल की और उस दिन किले पर मौजूद सभी लोगों की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी. जांच में पहला बड़ा सुराग लोहागढ़ किले की तलहटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मिला. इसी फुटेज ने मामले को हादसे से हत्या की आशंका की ओर मोड़ दिया.
सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को एक संदिग्ध दिखा
सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने सिर पर हुडी चढ़ा रखी थी और कानों में हेडफोन लगाए हुए था. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Senior Police Inspector) दिनेश तायडे और उनकी टीम ने 18 जून के स्थानीय मौसम रिकॉर्ड की जांच की. पता चला कि उस सुबह तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था. ऐसे गर्म मौसम में किसी व्यक्ति का हुडी पहनकर घूमना पुलिस को असामान्य लगा और यहीं से जांच को नया सुराग मिला.
शख्स का पहनावा लगा संदिग्ध
जांचकर्ताओं को उस शख्स का पहनावा संदिग्ध लगा, जिसके बाद उन्होंने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की. सीसीटीवी और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में की. जांच में सामने आया कि चेतन, सिया गोयल का प्रेमी था. पुलिस का कहना है कि यही एक छोटा-सा सुराग जांच में बेहद अहम साबित हुआ. हुडी पहने संदिग्ध की पहचान के आधार पर जांचकर्ताओं ने संदिग्धों की सूची को सीमित किया और उसे सीधे घटनास्थल से जोड़ने में सफलता हासिल की.
चेतन ने अपना मोबाइल फोन कोंढवा स्थित घर पर ही छोड़ दिया
जैसे-जैसे जांचकर्ता चेतन की गतिविधियों की पड़ताल करते गए, उन्हें एक और संदिग्ध बात पता चली. पुलिस के मुताबिक, लोहागढ़ किले जाने से पहले चेतन ने अपना मोबाइल फोन कोंढवा स्थित घर पर ही छोड़ दिया था. जांच अधिकारियों का मानना है कि उसने जानबूझकर ऐसा किया ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके और वह डिजिटल निगरानी से बच जाए. हालांकि, मोबाइल घर पर छोड़ने के बावजूद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की मदद से उसकी गतिविधियों का पूरा क्रम जोड़ लिया. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने चेतन चौधरी और सिया गोयल दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया.
सिया और चेतन कई महीनों से लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिया गोयल और चेतन चौधरी कई महीनों से लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे. कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों से दोनों के बीच नियमित बातचीत और करीबी रिश्ते की जानकारी सामने आई. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि कॉल रिकॉर्ड की जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,000 से अधिक फोन कॉल होने की जानकारी मिली. जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि घटना से पहले दोनों एक कैफे में मिले थे, जहां कथित तौर पर लोहागढ़ किले के भीतर किसी ‘हादसे’ का रूप देकर वारदात को अंजाम देने की योजना पर चर्चा की गई थी.
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खाई में गिरने के बाद केतन की मौत
पुलिस की जांच के अनुसार, 18 जून को चेतन चौधरी, केतन और सिया से पहले ही लोहागढ़ किले पहुंच गया था. इसके कुछ समय बाद सिया और केतन वहां पहुंचे. जांचकर्ताओं का दावा है कि इसके बाद दोनों आरोपी केतन को किले के एक सुनसान हिस्से की ओर ले गये. पुलिस के मुताबिक, वहीं उसे खाई में धक्का दिया गया. खाई में गिरने के बाद केतन की मौत हो गई.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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