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यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा: पिछले साल की तुलना में आसान थे प्रश्न, अधिकतर सवाल एनसीइआरटी से

Updated at : 25 May 2025 10:38 PM (IST)
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यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा: पिछले साल की तुलना में आसान थे प्रश्न, अधिकतर सवाल एनसीइआरटी से

यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शहर के 91 सेंटरों पर हुई. परीक्षा में 44 हजार 63 परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे, लेकिन करीब 20 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी

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-युद्ध व डिफेंस टेक्नोलॉजी आधारित प्रश्न भी पूछे गये -कंसेप्ट आधारित प्रश्न पूछे गये, जिसने गहराई से पढ़ा उनकी परीक्षा गयी बेहतर संवाददाता, पटना: यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शहर के 91 सेंटरों पर हुई. परीक्षा में 44 हजार 63 परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे, लेकिन करीब 20 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी . प्रारंभिक परीक्षा में पहला पेपर जनरल स्टडीज और दूसरा पेपर सीसैट का हुआ. पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चला. वहीं, दूसरा पेपर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चला. सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा आयोजित हुई. परीक्षा को लेकर सभी सेंटरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे. कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी अपर्ण मुकुंद ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार का प्रश्न आसान रहा. मॉर्डन हिस्ट्री से काफी प्रश्न पूछे गये थे. डिफेंस टेक्नोलॉजी पर कई सवाल इस बार पूछे गये. इसके साथ युद्ध पर आधारित प्रश्न भी पूछे गये. सभी प्रश्न एनसीइआरटी आधारित था. मगध महिला कॉलेज परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी पंकज सिन्हा ने कहा कि पूर्व के वर्षों से इस वर्ष अलग प्रश्न पूछे गये. सभी प्रश्न एनसीइआरटी से पूछे गये. करेंट अफेयर्स के की संख्या भी इस बार ठीक थी. परीक्षा में साइंस और टेक्नोलॉजी के साथ-साथ इकोनॉमिक्स के प्रश्न आसान से मध्यम कैटेगरी के पूछे गये थे. आरती कुमारी ने बताया कि इकोनॉमिक्स सेक्शन में, अधिकांश प्रश्न स्टैटिक मुख्य भाग से पूछे गये थे. केवल कुछ प्रश्न करंट अफेयर्स से पूछे गये थे. भूगोल और इकोनॉमिक्स सेक्शन मुश्किल था. इसी के साथ पहले ही तुलना में इस बार परीक्षा की लैंग्वेज आसान की गयी है. अन्य उम्मीदवारों ने बताया कि यूपीएससी सीएइ का पेपर पिछले साल की तुलना में दोनों पेपर आसान था. इसी के साथ भूगोल के प्रश्न भी पिछले साल की तुलना में आसान थे. प्रश्न काफी हद तक कॉन्सेप्ट पर आधारित पूछे गये थे. इस बार आइएएस, आइपीएस, आइएफएस और आइआरएस सहित विभिन्न केंद्रीय सरकारी सेवाओं और विभागों में 979 व भारतीय वन सेवा के 150 पद भरे जायेंगे. सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्न विश्लेषण पर आधारित प्रश्न अधिक पूछे गये: एक्सपर्ट ने कहा कि ओवरआल प्रश्नों की प्रकृति को देखा जाये तो ऐसा लगता हैं विषय मूल कांसेप्ट छठी से 12वीं एनसीइआरटी और उससे संदर्भित एप्लाइड प्रश्न पूछे गये हैं. सेकेंड पेपर सीएसएटी के प्रश्नों की बात करे तो यह इस बार स्तरीय रहा. इसमें राजनीति, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और करंट अफेयर्स आदि से प्रश्न पूछे गये. इतिहास में के प्रश्नों का स्तर ठीक रहा. आधुनिक भारत के प्रश्न घुमावदार थे. भूगोल की बात करें तो स्टैटिक के प्रश्नोत्तर आसान थे जबकि मैप पर आधारित प्रश्न काफी कठिन पूछे गये थे. पर्यावरण के प्रश्न विशेष तौर पर लंबी पूछे गये थे जो बुद्धि और विवेक अवधारणा पर आधारित थे. करंट अफेयर्स की बात की जाये तो वर्तमान घटनाओं का महत्व अधिक था जबकि प्रश्न सीधे नहीं पूछकर घुमावदार तरीके से पूछे गये थे. दूसरी शिफ्ट की परीक्षा में गणित, रीडिंग, रीजनिंग आदि से पूछे जाते रहे थे इस सेक्शन में सिर्फ पास होना जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DURGESH KUMAR

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DURGESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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