फुलवारी शरीफ: स्वतंत्रता, भाईचारे, न्याय और समानता के साथ प्रगति जरूरी : अनीसुर्रहमान कासमी

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ऑनलाइन बैठक में विचार रखते हुए

स्वतंत्रता दिवस पर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल की बैठक में मौलाना अनीसुर्रहमान कासमी ने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता हर नागरिक के सम्मान, न्याय और समानता में निहित है. उन्होंने देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए आपसी भाईचारे और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने पर जोर दिया.

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Patna News (फुलवारी शरीफ) : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल की ओर से गुरुवार को ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के चेयरमैन मौलाना अनीसुर्रहमान कासमी ने की. अनीसुर्रहमान कासमी ने कहा कि स्वतंत्रता केवल औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों और भविष्य की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर है. स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ प्रत्येक नागरिक को सम्मान, शांति, न्याय, समानता, मौलिक अधिकार और अपने धर्म का पालन करने की आजादी मिलना है.

संविधान के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर आवाज उठाये

उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को धर्म, जाति या भाषा के आधार पर उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. अन्याय के खिलाफ संविधान और कानून के दायरे में रहकर आवाज उठानी चाहिए. देश की शांति और विकास के लिए विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान जरूरी है.

मौलाना अनीसुर्रहमान कासमी ने कहा कि शाह अब्दुल अजीज मुहद्दिस देहलवी (रह.) के ऐतिहासिक फतवे से लेकर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और एकीकरण के संघर्ष तक, विद्वानों और मुसलमानों ने महत्वपूर्ण बलिदान दिए. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता किसी एक वर्ग या समूह के संघर्ष का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके विभिन्न चरणों में विद्वानों और मुसलमानों की भूमिका प्रमुख रही है.

स्वतंत्रता संग्राम में उलेमा व मुसलमानों ने भी भूमिका निभायी

उन्होंने कहा कि 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने के बाद इसकी रक्षा करने का एक नया दायित्व शुरू हुआ. वास्तविक स्वतंत्रता वही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक गरिमा, शांति, न्याय, समानता और मौलिक अधिकारों का आनंद ले. किसी भी नागरिक को धर्म, जाति या भाषा के आधार पर उसके वैध अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है. स्वतंत्रता के मूल्यों की रक्षा के लिए आपसी भाईचारे, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करना जरूरी है.

मौलाना अनीसुर्रहमान कासमी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उलेमा और मुसलमानों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अनेक बलिदान दिए. नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के इतिहास और पूर्वजों के योगदान से अवगत कराना जरूरी है. इसके लिए सोशल मीडिया और आधुनिक माध्यमों का भी उपयोग किया जाना चाहिए.

शांति व भाईचारा कायम रखने का लिया संकल्प

ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल बिहार के अध्यक्ष डॉ. मौलाना मुहम्मद आलम कासमी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को ताजा करने और नई पीढ़ी को वर्तमान वास्तविकता से अवगत कराने का माध्यम हैं. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में टीपू सुल्तान समेत विभिन्न व्यक्तित्वों और विद्वानों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी साझा संस्कृति, आपसी सम्मान और विविधता में एकता में है.

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सभी का साझा दायित्व है. बैठक में स्वतंत्रता के इतिहास और पूर्वजों के बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, राष्ट्रीय एकता मजबूत करने तथा देश में शांति और भाईचारा कायम रखने का संकल्प लिया गया.

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में शामिल प्रमुख लोग: मौलाना अनीसुर्रहमान कासमी, डॉ. मौलाना मुहम्मद आलम कासमी, मौलाना सैयद अमानत हुसैन, डॉ. मौलाना अबुल कलाम कासमी शम्सी, मुफ्ती मोहम्मद नाफी आरिफी, डॉ. मौलाना सज्जाद अहमद नदवी, डॉ. जफर आलम, नजमुल हसन नजमी, महफूज, मुफ्ती मुजफ्फर, मौलाना वसीम, सफी और कमाल ने अपने विचार रखे.


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अजीत कुमार

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By अजीत कुमार

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