रात 11 बजे होटल में बिगड़ी थी प्रिंस की तबीयत, कमरे से मिली दवा और तीन डाक्यूमेंट्स से सच आया सामने

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 Jun 2026 6:49 PM

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रौशन आनंद के भाई प्रिंस की तस्वीर

Prince Yadav Postmortem Report: रौशन सर के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत से जुड़े तीन बड़े पुलिस दस्तावेज सामने आए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पता चला है कि 13 जून की रात विराटनगर के होटल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही प्रिंस ने दम तोड़ दिया था.

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Prince Yadav Postmortem Report: पटना के खान सर कोचिंग सेंटर और ज्ञान बिंदु कोचिंग विवाद मामले में नामजद आरोपी प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. सहरसा के रहने वाले 24 साल के प्रिंस कुमार की नेपाल के विराटनगर में हुई मौत को लेकर वहां की पुलिस के तीन महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज अब सामने आ गए हैं. इन तीनों दस्तावेजों से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि उस रात आखिर क्या हुआ था और पुलिस ने क्या-क्या कानूनी कदम उठाए.

रात 11 बजे अचानक बिगड़ी थी तबीयत

नेपाल पुलिस के तीनों दस्तावेजों से घटना की पूरी टाइमलाइन सामने आई है. 13 जून की रात करीब 11:00 बजे विराटनगर-10 में स्थित शुभ होटल के एक कमरे में ठहरे प्रिंस कुमार की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई. उन्हें तुरंत इलाज के लिए विराटनगर के श्री कोशी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रिंस ने दम तोड़ दिया.

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ही मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने कोशी अस्पताल के शवगृह से शव को बाहर निकाला और वहां मौजूद गवाहों के सामने स्ट्रेचर पर रखे शव के कपड़ों और बाहरी स्थिति की बारीकी से जांच करके यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की.

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कमरे में क्या मिला

प्रिंस कुमार की मौत के बाद नेपाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी. मौत की असली वजह जानने के लिए पुलिस ने विराटनगर के श्री कोशी अस्पताल को पत्र भेजकर शव को सुरक्षित रखने और पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया. जांच के दौरान पुलिस को प्रिंस के होटल के कमरे से एपिलेप्सी की दवा भी मिली. नेपाल पुलिस के अनुसार, प्रिंस पहले से एपिलेप्सी की दवा का सेवन करते थे. मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और मामले की जांच की गई.

रौशन सर के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान में क्लासें बंद कर दी गई हैं. घटना के बाद पूरे कोचिंग परिसर में शोक और गम का माहौल है. छात्रों और स्टाफ के बीच भी भारी दुख और तनाव है.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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