'एक भाई जेल में, दूसरे की मौत', प्रिंस यादव की मौत पर भड़के पप्पू यादव, बोले- हत्यारों पर तुरंत हो कार्रवाई

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 Jun 2026 3:04 PM

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रौशन आनंद के भाई प्रिंस की फाइल फोटो

Prince Yadav Death: पटना के खान सर कोचिंग विवाद मामले में आरोपी और ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध मौत हो गई है. सांसद पप्पू यादव ने इसे हत्या बताते हुए बिहार सरकार से जांच की मांग की है.

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Prince Yadav Death: ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ आ गया है. कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में मौत हो गई है. शुरुआती जानकारी में उनकी मौत की वजह ब्रेन हेमरेज बताई जा रही है, लेकिन इस मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है.

पप्पू यादव ने उठाए सवाल, जांच की मांग

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने प्रिंस यादव की मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि यह हत्या का मामला हो सकता है. पप्पू यादव ने बिहार सरकार से मांग की है कि नेपाल प्रशासन से संपर्क कर मामले की गहराई से जांच कराई जाए और परिवार को न्याय दिलाया जाए.

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “ज्ञानबिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद जी के भाई प्रिंस जी की नेपाल विराटनगर में हत्या! यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. बिहार सरकार नेपाल प्रशासन से संपर्क कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।हत्यारों पर अविलंब कार्रवाई हो!एक भाई जेल में बंद हैं,दूसरे की हत्या!मेरी संवेदना परिवार के साथ है!”

छात्र नेता ने भी जताया संदेह

छात्र नेता दिलीप कुमार ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रिंस यादव की मौत बेहद दुखद है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि यह सामान्य मौत है या इसके पीछे कोई साजिश है. उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है.

सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग चर्चाएं

प्रिंस यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे हत्या बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है. अब तक नेपाल पुलिस की ओर से मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

खान सर की ओर से कराई गई fir की कॉपी

नेपाल के होटल में ठहरे थे प्रिंस यादव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सहरसा जिले के रहने वाले प्रिंस यादव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे. वहीं उनकी मौत हुई. रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि मामले की जांच के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.

खान सर कोचिंग विवाद से जुड़ा था नाम

बताया जा रहा है कि 2 जून को पटना में खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट और ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के बीच हुए विवाद और हमले के मामले में प्रिंस यादव का नाम भी सामने आया था. इसी मामले में उनके भाई रौशन आनंद फिलहाल बेउर जेल में बंद हैं.

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खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक

खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट पर हमले और तोड़फोड़ के मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है. इस प्रकरण में खान सर ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है. दूसरी ओर प्रिंस यादव की मौत के बाद इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है.

फिलहाल प्रिंस यादव की मौत की असली वजह को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से किसी भी एजेंसी ने हत्या या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं की है. ऐसे में सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट और नेपाल पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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