Nitish Kumar के बेटे निशांत पर PK का कटाक्ष! कहा- आपके बच्चे फैक्ट्रियों में मर रहे, नेताओं के बच्चे करेंगे राज

निशांत की इंट्री पर प्रशांत किशोर का कटाक्ष.
Nishant Kumar politics entry : नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर प्रशांत किशोर ने तीखा कटाक्ष किया है. कैमूर में उन्होंने कहा कि नेता अपने बच्चों के लिए राज सिंहासन तय कर देते हैं, जनता के बच्चे अशिक्षा, बेरोजगारी और पलायन झेलते हैं.
Nishant Kumar politics entry : नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की बिहार की राजनीति में इंट्री हो चुकी है. इस पर जनसुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर ने तीखा कटाक्ष किया है. एक तरफ तो उन्होंने निशांत कुमार को बिहार की राजनीति में आने की शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं, दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं ने अपने बच्चों के लिए राज सिंघासन की व्यवस्था कर रखी है. मगर आप लोगों ने अपने बच्चों के लिए अशिक्षा, बेरोजगारी और पलायन की व्यवस्था की है.
नेता अपने बच्चों के भविष्य की चिंता हर हाल में करेगा
जनसुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर ने ये बात कैमूर में एक कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने बिहार की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि नेता अपने बच्चों की व्यवस्था कहीं भी, किसी भी हाल में कर लेगा. मगर आपको अपने बच्चों की चिंता करनी नहीं है. उन्होंने निशांत के बहाने यह बात कही कि पिछले चुनाव के दौरान यही बात वो कह रहे थे.
नीतीश ने अपने बेटे के लिए की सिंघासन की व्यवस्था
प्रशांत किशोर ने निशांत कुमार के राजनीति में आने पर व्यंगात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो नीतीश कुमार पूरी जिंदगी वंशवाद की राजनीति का विरोध करते रहे थे. वही नीतीश कुमार का बेटा आज राजनीति में आ रहा है. जेडीयू उनकी पार्टी है. और नीतीश जी ने अपने बेटे के लिए राज सिंघासन की व्यवस्था कर दी है.
आप लोगों ने अपने बच्चों की चिंता नहीं की
प्रशांत किशोर ने सहज भाव से कहा कि निशांत के लिए मेरी शुभकानाएं हैं. उससे मुझे कोई दिक्कत नहीं लेकिन ये हमारे और आपके लिए सोचने का विषय है कि वो स्वस्थ्य हों या अस्वस्थ हों, युवा हों बुजुर्ग हों मगर नेता अपने बच्चों के भविष्य की चिंता कर रहे हैं. प्रशांत कुमार ने आगे मगर आप लोगों ने अपने भविष्य की चिंता नहीं की है. इस लिए बिहार का ये हाल है.
फैक्ट्रियों में हो रही आपके के बच्चों की मौत
उन्होंने कहा, अगर आप लोगों ने अपने बच्चों की चिंता की होती तो आज पचास से ज्यादा से ज्यादा नवयुवकों को देश के विभिन्न हिस्सों में जान नहीं गंवानी पड़ती. बिहार के युवाओं की मौत देश की विभिन्न फैक्ट्रियों में हो रही है. यही हमारी (बिहार की) दुर्दशा का कारण है. नेता का बेटा राज करेगा और का हमारा बेटा मरता रहेगा.
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By Keshav Suman Singh
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