ePaper

Patna News: बिहार के बच्चों के लिए 5 जून को होगा आंदोलन, जानिए क्या है मामला?  

Updated at : 02 Jun 2025 2:20 PM (IST)
विज्ञापन
BIHAR DOMICILE POLICY

BIHAR DOMICILE POLICY

Patna News: बिहार की सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग पर छात्र संगठनों का आंदोलन अब तेज हो रहा है. छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में छात्र संगठनों का एक बड़ा समूह राज्य में डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन करेगा.

विज्ञापन

Patna News: बिहार की सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग पर छात्र संगठनों का आंदोलन अब तेज हो रहा है. बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार ने पटना में कहा कि 5 जून को ‘संपूर्ण क्रांति’ दिवस पर बिहार की राजधानी पटना की सड़कें एक बार फिर छात्र आंदोलन की गवाह बनने जा रही हैं. छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में छात्र संगठनों का एक बड़ा समूह राज्य में डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन करेगा. यह प्रदर्शन सीधे तौर पर राज्य के सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के लिए डोमिसाइल की अनिवार्यता के मुद्दे पर केंद्रित होगा.

पटना कॉलेज से सीएम हाउस तक पहुंचेंगे छात्र

छात्र नेता दिलीप ने बताया कि 5 जून को आंदोलन की शुरुआत सुबह 10 बजे पटना विश्वविद्यालय परिसर स्थित पटना कॉलेज से होगी. आंदोलन के लिए प्रदेश के सभी जिलों से हजारों की संख्या में छात्र आएंगे. पटना कॉलेज से अशोक राजपथ होते हुए सभी छात्र पहले गांधी मैदान पहुंचेंगे. इसके बाद सभी गांधी मैदान से बेली रोड होते हुए सीएम हाउस तक जाएंगे.

डोमिसाइल की मांग पर पटना में आंदोलन

छात्र नेता ने कहा कि सीएम हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने और उनके सामने डोमिसाइल नीति से जुड़ी अपनी मांगों को रखने की कोशिश होगी. उन्होंने कहा कि डोमिसाइल को लेकर छात्रों की लंबे समय से मांग रही है. ऐसे में इसी कारण से डोमिसाइल आंदोलन के लिए 5 जून का दिन तय किया गया है.

90% डोमिसाइल लागू करने की मांग

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि हमारी मांग स्पष्ट है. बिहार में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ केवल बिहार के मूल निवासियों को ही मिलना चाहिए. बिहार में कम से कम 90 फीसदी डोमिसाइल लागू होना चाहिए. पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश में डोमिसाइल लागू है. जिसके कारण यहां के छात्रों को वहां नौकरी नहीं मिल रही, जबकि झारखंड और उत्तर प्रदेश के युवा बिहार में आकर नौकरी ले रहे हैं.छात्र नेता का कहना है कि दूसरे प्रदेश के लिए कम से कम 10% ही सीटें होनी चाहिए. तीन चरण की शिक्षक बहाली में बिहार में बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थी बिहार में योगदान किए हैं और उनकी संख्या वैकेंसी के अनुपात में 30% से अधिक है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

आंदोलन तेज करने की धमकी

छात्र नेता दिलीप ने कहा कि संपूर्ण क्रांति दिवस के दिन को बिहार के युवाओं के हितों से जुड़े इस अहम मुद्दे को उठाने के लिए चुना है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार का कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं आता है तो उनका आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों से इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने का आह्वान किया है.

इसे भी पढ़ें: Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आया बड़ा अपडेट, त्योहारों का रखा जाएगा खास ख्याल

विज्ञापन
Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन