मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन 5 निष्कासित, 9 फर्जी पकड़े गए, जाने छूटे छात्र कब देंगे विशेष परीक्षा

Bihar Board Matric Exam 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा मंगलवार से पूरे बिहार में शुरू हो गई. राज्य के 1,699 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में 15 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए. पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन देर से पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिला, वहीं नकल करने और फर्जीवाड़े के मामलों में कई कार्रवाई भी हुई.
Bihar Board Matric Exam 2026: मंगलवार को जब बिहार के 1699 केंद्रों पर 15 लाख से अधिक परीक्षार्थी अपना मैट्रिक परीक्षा देने निकले, तो नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था.
कहीं परीक्षा छूटने के डर से छात्राएं ऊंचे लोहे के गेट फांदती नजर आईं, तो कहीं दूसरे के नाम पर परीक्षा देते फर्जी छात्र पकड़े गए. पहले दिन ही बोर्ड की सख्ती का असर दिखा, जहां नकल के आरोप में 5 परीक्षार्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, वहीं 9 फर्जी छात्रों को सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी कर ली गई है.
लेट छात्रों को नहीं मिली एंट्री
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई और पहले दिन मातृभाषा विषयों की परीक्षा हुई. सुबह तय समय के बाद गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई छात्र केंद्र के बाहर रह गए. कुछ स्थानों पर छात्रों ने गेट फांदकर अंदर जाने की कोशिश भी की, लेकिन नियमों के अनुसार किसी को प्रवेश नहीं दिया गया.
कई केंद्रों पर छात्र गेट पीटते और रोते दिखे, पर बोर्ड ने स्पष्ट किया कि समय सीमा में कोई ढील नहीं दी जाएगी.
पांच निष्कासित और नौ फर्जी पकड़े गए
परीक्षा के पहले दिन सबसे ज्यादा हलचल भोजपुर जिले में रही, जहां प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए 4 फर्जी छात्रो को दबोचा. इसके अलावा रोहतास, अररिया, सारण, सिवान और सहरसा से भी एक-एक फर्जी छात्र पकड़े गए जो दूसरे के बदले परीक्षा हॉल में बैठकर पर्चा हल कर रहे थे.
बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले दिन पटना के कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने पुनाईचक, बांकीपुर और मिलर स्कूल सहित विभिन्न केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो.
जिनकी परीक्षा छूटी, उन्हें मिलेगा दूसरा मौका
बिहार में मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन जिन परीक्षार्थियों की परीक्षा जाम या अन्य कारणों से छूट गई, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्रों के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी.
बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि विशेष परीक्षा का परिणाम मई-जून तक घोषित कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो.
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By Pratyush Prashant
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