NEET छात्रा को शंभू गर्ल्स हॉस्टल से ऐसे निकाला गया, गोद में लेकर भागा युवक, वीडियो में देखिए 6 जनवरी को क्या-क्या हुआ

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 01 Feb 2026 4:09 PM

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बाएं तरफ छात्रा को गोद में लेकर भागता युवक, दाएं तरफ एक महिला और बाकी छात्राएं

Patna Shambhu Girls Hostel CCTV: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की दुष्कर्म-मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. 6 जनवरी का CCTV फुटेज सामने आया है. जिसमें छात्रा के कमरे के बाहर की हर हलचल कैद है. वीडियो में ये भी दिख रहा है कि एक युवक छात्रा को गोद में लेकर हॉस्टल से बाहर निकल रहा है.

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Patna Shambhu Girls Hostel CCTV: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की दुष्कर्म-मौत मामले में बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है. इस केस से जुड़ा करीब 11 मिनट का CCTV फुटेज अब सामने आया है. इस फुटेज में 6 जनवरी की दोपहर हॉस्टल के अंदर हुई हर हलचल को साफ दिखा दिया है.

फुटेज के मुताबिक, दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर छात्रा के केबिन के बाहर हलचल शुरू होती है. बगल के कमरे की लड़कियां एक-एक कर वहां पहुंचने लगती हैं. कुछ ही मिनटों में 4 से 5 छात्राएं इकट्ठा हो जाती हैं. एक लड़की बार-बार छात्रा को नाम लेकर पुकारती है. वह दरवाजा खोलने को कहती है.

काफी देर तक आवाज देने के बाद भी नहीं खुला गेट

एक दूसरी लड़की पूछती है, क्या हुआ. जवाब मिलता है कि काफी देर तक आवाज देने के बाद भी गेट नहीं खुल रहा है. 3 बजकर 50 मिनट 57 सेकेंड पर एक छात्रा पास रखी टेबल पर चढ़कर केबिन के अंदर झांकती है. इसके बाद लड़कियां जोर-जोर से दरवाजा खटखटाने लगती हैं. फिर भी अंदर से कोई जवाब नहीं आता.

करीब 3 बजकर 51 मिनट पर लड़कियां आपस में बात करती दिखती हैं. फिर दोबारा नाम लेकर पुकारा जाता है. गेट फिर भी बंद रहता है. 3 बजकर 51 मिनट 40 सेकेंड पर और छात्राएं वहां पहुंच जाती हैं. सभी मिलकर कहती हैं- दीदी, गेट खोलिए ना. कुछ बोल क्यों नहीं रही हो.

काफी देर तक महिला भी पीटती है दरवाजा

करीब 3 बजकर 55 मिनट पर गलियारे में एक महिला की एंट्री होती है. वह पूछती है, क्या हुआ. लड़कियां बताती हैं कि छात्रा दरवाजा नहीं खोल रही है. महिला भी दरवाजा पीटती है. लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती.

दरवाजा कैसे खुला?

3 बजकर 57 मिनट 48 सेकेंड पर एक पुरुष वहां आता है. वह कहता है- सोई हुई है. वह दरवाजे के पास जाकर अंदर झांकता है. बाहर खड़ी लड़कियां लगातार आवाज देती रहती हैं. 3 बजकर 58 मिनट 55 सेकेंड पर एक लड़की टेबल पर चढ़कर ऊपर से हाथ डालती है. दरवाजा खोला जाता है. इसके बाद सभी केबिन में घुस जाते हैं. दूसरे केबिन की छात्राएं भी अंदर जाती हैं.

करीब 4 बजे एक युवक छात्रा को गोद में उठाकर बाहर लाता है

3 बजकर 59 मिनट के आसपास अंदर से रोने की आवाज आती है. लड़कियां पानी और कंबल लाने दौड़ती हैं. चार बजे के करीब एक युवक छात्रा को गोद में उठाकर बाहर लाता है. छात्रा बेहोश होती है. कुछ ही पलों में हॉस्टल का पूरा इलाका खाली हो जाता है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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