रोक के बाद भी खुलेआम बिक रहा मांस-मछली, 93% दुकानों के पास लाइसेंस नहीं, पटना नगर निगम की कार्रवाई बेअसर
पटना नगर निगम की तस्वीर
Patna Meat Shops Licenses: पटना में खुले में मांस-मछली बेचने पर रोक के बावजूद 1420 में से 1325 दुकानें बिना लाइसेंस के अवैध रूप से चल रही हैं. नगर विकास विभाग के आदेश के चार महीने बाद भी नगर निगम का अभियान बेअसर साबित हो रहा है. अधिकांश दुकानदारों के पास खुद की पक्की दुकान न होने से वे लाइसेंस के योग्य ही नहीं हैं.
Patna Meat Shops Licenses: पटना में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगने के बावजूद दुकानें सज रही हैं. इसके लिए पटना नगर निगम का अभियान व कार्रवाई भी बेअसर साबित हो रहा है. दरअसल, नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के चार माह पहले इसपर रोक लगाया गया है. शहर में संचालित करीब 1420 मांस-मछली दुकानों में से महज 95 दुकानों के पास ही वैध लाइसेंस है. इनमें 83 लाइसेंस मार्च के बाद से जारी किया गया है. बाकी 93 फीसदी यानी 1325 दुकानें नियमों के विपरीत अवैध रूप से चल रही हैं.
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खुले में मांस-मछली बेचने पर रोक व कार्रवाई के बावजूद राजाबाजार, शेखपुरा, आशियाना-दीघा रोड, मछुआटोली, करबिगहिया, खेमनीचक, अशोक राजपथ, राजापुर पुल सहित प्रमुख इलाकों में बिक्री जारी है. हालांकि, मानक के अनुसार फिट नहीं होने से लाइसेंस सभी का नहीं जारी किया जा रहा. लाइसेंस के लिए कम से काम दुकान होना जरूरी है. लेकिन, ज्यादातर दुकानदार खुले में मांस मछली बेचते हैं और लगभग गरीबी रेखा से आते हैं.
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निगम ने 1040 दुकानों को किया है प्रतिबंधित
खुले में बिक्री पर रोक लगाने के लिए नगर निगम की ओर से 1040 दुकानों पर प्रतिबंध लगाया है. साथ ही, 1234 दुकानों को लाइसेंस लेने के लिए नोटिस जारी किया है. इसके बावजूद लोग न लाइसेंस के लिए सामने आ रहे न ही दुकान लगाना छोड़ रहे. दुकानों पर कई बार कार्रवाई भी की गयी है.
अंचल – कुल दुकानें – लाइसेंस प्राप्त दुकानें – प्रतिबंधित दुकानें – लाइसेंस के लिए नोटिस
नूतन राजधानी – 313 – 25 – 288 – 313
पाटलिपुत्र – 359 – 24 – 390 – 180
कंकड़बाग – 308 – 13 – 76 – 301
बांकीपुर – 225 – 12 – 151 – 225
पटना सिटी – 28 – 11 – 10 – 28
अजीमाबाद – 187 – 10 – 125 – 187
उल्लंघन व धार्मिक-शैक्षणिक स्थलों के पास दुकानें
बिना लाइसेंस संचालित दुकानें बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 का खुला उल्लंघन कर रही हैं. शहर में कई दुकानें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों व अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों के समीप नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही हैं. इसके अलावा कई दुकानों में मृत पशुओं को खुले में प्रदर्शित किया जा रहा है और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में असुरक्षित मांस की बिक्री की जा रही है.
बिना लाइसेंस कारोबार के लिए दो हजार का जुर्माना
मांस-मछली कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए पटना नगर निगम अनुज्ञप्ति विनियम, 2014 लागू है. इसके तहत बिना लाइसेंस व्यापार करने पर प्रति उल्लंघन 2000 रुपये जुर्माना व सामग्री जब्त करने का प्रावधान है. नया कारोबार शुरू करने या पुराने कारोबारियों को प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है. लाइसेंस के लिए दो हजार रुपये निर्धारित है, जबकि बीपीएल आवेदकों से मात्र 20 रुपये लिया जाता है.
शहर में स्लोटर हाउस बनाने की तैयारी
मांस कारोबार को आधुनिक व स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम राज्य का पहला हाइटेक स्लाटर हाउस बनाने जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य खुले में पशु वध और असुरक्षित बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना है. इस आधुनिक प्लांट में ब्लड प्रोसेसिंग यूनिट, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था होगी.
जांच में 11 आवेदन को किया गया खारिज
नगर निगम को मिले आवेदनों की जांच के दौरान दो अंचलों में 11 आवेदनों को खारिज कर दिया गया है. नूतन राजधानी अंचल में 10 मार्च को की गई जांच के बाद 8 आवेदनों को खारिज किया गया, वहीं कंकड़बाग अंचल में 13 मार्च को आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं होने के कारण 3 आवेदनों को रद्द कर दिया गया. फिलहाल नूतन राजधानी अंचल में केवल तीन मुर्गा दुकानदारों, पांच मछली दुकानदारों व दो मीट दुकानदारों को ही नया लाइसेंस जारी किया गया.
क्या बोले अधिकारी?
दुकानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, बार-बार उल्लंघन करने वाले लोगों पर आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है. दुकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं. सभी दुकानदारों से अपील है कि वे नियमों के तहत दुकान के भीतर ही सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से बिक्री करें.
– यशपाल मीणा, नगर आयुक्त
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