नेपाल के होटल से अस्पताल तक, प्रिंस यादव के दोस्तों ने बताया उस रात क्या-क्या हुआ

Edited by Paritosh Shahi
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मृत प्रिंस यादव (फाइल फोटो)

Prince Yadav Death Case: प्रिंस यादव की मौत को लेकर नए दावे सामने आए हैं. जहां रौशन आनंद ने इसे हत्या बताया है, वहीं दोस्तों ने कहा कि प्रिंस दवा लेकर सोए थे और बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई. दोस्तों ने नेपाल के होटल से अस्पताल तक की पूरी घटना पर अपना पक्ष रखा है.

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Prince Yadav Death Case: पटना के प्रिंस यादव का सोमवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके भाई रौशन आनंद ने मुखाग्नि दी. इस बीच प्रिंस की मौत को लेकर दो अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं. परिवार जहां इसे हत्या बता रहा है, वहीं साथ गए दोस्तों का दावा कुछ और ही है. आइए जानते हैं कि आखिर उस दिन कमरे में क्या हुआ था.

भाई का आरोप- फैजल खान ने कराई हत्या

प्रिंस के भाई रौशन आनंद का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है. उन्होंने सीधे तौर पर फैजल खान पर आरोप लगाया है कि उसी ने प्रिंस का मर्डर करवाया है.

दवा खाई और सो गया

सोशल मीडिया पर प्रिंस के दोस्तों का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो बिल्कुल अलग कहानी बयां करता है. दोस्तों के मुताबिक, प्रिंस काफी समय से साइकियाट्रिक प्रॉब्लम से जूझ रहे थे और डिप्रेशन की दवाइयां ले रहे थे. शनिवार शाम करीब 6 बजे प्रिंस ने खाना खाया, अपनी दवा ली और सोने चले गए. दोस्तों को लगा कि सोने से उनका तनाव कम होगा.

वीडियो में एक दोस्त ने बताया कि प्रिंस को गहरी नींद में छोड़कर वे लोग पास के इनरवा इलाके में घूमने चले गए थे. कमरे पर सिर्फ दो साथी, ललित और परजेस ही रुके थे. दोस्तों के जाने के कुछ देर बाद ही सोते समय प्रिंस की सांसें बहुत तेज चलने लगीं. कमरे में मौजूद साथियों ने घबराकर तुरंत बाकी दोस्तों को फोन किया.

हॉस्पिटल पहुंचने के बाद थम गईं सांसें

फोन मिलते ही दोस्त भागे-भागे आए और बिना वक्त गंवाए एंबुलेंस से प्रिंस को पास के यूरो हॉस्पिटल ले गए. डॉक्टरों ने प्रिंस को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जब दोस्तों से पूछा गया कि क्या प्रिंस के साथ कोई मारपीट हुई थी? तो उन्होंने कहा कि वे प्रिंस के बेहद करीबी दोस्त हैं, वे ऐसा क्यों करेंगे.

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खान सर की कोचिंग पर हमले के बाद भागे थे नेपाल

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि प्रिंस यादव अपने दोस्त अंकित कुमार, रौशन यादव, लट्टू यादव और जयराम यादव के साथ नेपाल गए थे. पटना में खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के मामले में दर्ज FIR में प्रिंस का नाम भी शामिल था. गिरफ्तारी के डर से वे काफी तनाव में थे. इसी वजह से 3 जून को वे नेपाल के विराटनगर भाग गए. वहां पहले वे मेट्रो सिटी होटल में रुके और फिर बाईपास के पास शुभ होटल के कमरा नंबर 102 में शिफ्ट हो गए थे.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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