बिहार न्यायिक अकादमी के पास अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त, कहा-आप ही मुश्किल खड़ी करते हैं व फिर उसी के पीछे भागते हैं

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पटना हाईकोर्ट का सांकेतिक तस्वीर.

बिहार न्यायिक अकादमी के आसपास हुए अतिक्रमण और सुरक्षा चिंताओं पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने सरकारी ढिलाई पर सवाल उठाते हुए तीन सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

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Patna High Court Tough On Encroachment : बिहार न्यायिक अकादमी के आसपास हुए अतिक्रमण और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की. एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा, "आप ही मुश्किल खड़ी करते हैं और फिर उसी के पीछे भागते हैं." अदालत ने राज्य सरकार को अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

अतिक्रमण हटाने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, सरकार से तीन सप्ताह में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन और पटना नगर निगम ने अदालत को बताया कि बिहार न्यायिक अकादमी के आसपास से अवैध पार्किंग और अस्थायी अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना भी वसूला गया है. भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए अकादमी के उत्तरी द्वार पर विशेष पुलिस आउटपोस्ट स्थापित कर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.

थाना प्रभारी को सौंपी गई जिम्मेदारी

खंडपीठ ने खाली कराई गई जमीन की सुरक्षा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी को सौंपने के निर्णय पर भी संज्ञान लिया. अदालत ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और सौंदर्यीकरण के लिए सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण की योजनाओं की भी समीक्षा की.

सड़क हस्तांतरण और हरित पट्टी विकसित करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने पटना नगर निगम को संबंधित सड़क का स्वामित्व शीघ्र पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया. साथ ही वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बिहार न्यायिक अकादमी के उत्तरी हिस्से और मुख्य परिसर के सामने हरित पट्टी विकसित करने तथा उसकी घेराबंदी सुनिश्चित करने का आदेश दिया.

शहरी विकास विभाग को बनाया पक्षकार

अदालत ने सभी निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए शहरी विकास एवं आवास विभाग को मामले में पक्षकार बनाते हुए अगली सुनवाई से पहले विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

विशेषज्ञता

राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता की शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम, खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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