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बिहार के अफसरों ने लक्ष्य पूरा करने के लिए सगे-संबंधी के नाम पर खोल दिये खाते, जानिए क्या है पूरा मामला

Updated at : 10 Feb 2023 5:15 AM (IST)
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बिहार के अफसरों ने लक्ष्य पूरा करने के लिए सगे-संबंधी के नाम पर खोल दिये खाते, जानिए क्या है पूरा मामला

एक जनवरी से दो फरवरी के बीच बिहार सर्किल में कुल 1,84,397 रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाते खुले. इनमें सेंट्रल सर्किल स्तर 79913, इस्ट सर्किल में 42398 और नॉर्थ सर्किल में 62086 आरडी खाते खुले.

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सुबोध कुमार नंदन, पटना: डाकघर के पोस्टमास्टरों ने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सौ रुपये के ही अधिकांश रेकरिंग डिपॉजिट खाते खुलवाये हैं. इतना ही नहीं, एक ही कीप से आठ- दस खाते खोले गये हैं. यह मामला पिछले दिनों चले विशेष ड्राइव के बाद प्रकाश में आया है. डाक विभाग के दबाव में बड़ी संख्या में डाकघरों के पोस्ट मास्टरों ने जेब से भी पैसा लगाकर अपने संगे-संबंधी के नाम पर खाता खोलने के मजबूर हैं. ये हालात तब हैं जबकि डाक विभाग ने लक्ष्य को लगभग आधा कर दिया था. बिहार सर्किल में कुल 9303 डाकघर हैं. इनमें 33 प्रधान डाकघर, 1042 उप डाकघर और 8228 शाखा डाक घर हैं.

एक माह में 1,84,397 रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाते खोले गये

एक जनवरी से दो फरवरी के बीच बिहार सर्किल में कुल 1,84,397 रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाते खुले. इनमें सेंट्रल सर्किल स्तर 79913, इस्ट सर्किल में 42398 और नॉर्थ सर्किल में 62086 आरडी खाते खुले. वहीं सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 22751 खाते खुले. इनमें सेंट्रल सर्किल में 2921, इस्ट सर्किल 9699 तथा 10131 खाते खोले गये. वहीं पूरे सर्किल में कुल टीडी खाते 83914 खाते खोले गये. इनमें सेट्रल सर्किल में 45221, इस्ट सर्किल में 18190 और नार्थ सर्किल में 20503 टीडी खाते खोले गये.

100 रुपये में खोले गए 40 फीसदी खाते 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय हर आरडी खाते सहित अन्य बचत खाता खुलने पर 220 रुपये एक साल के लिए सर्विस चार्ज के रूप में डाक विभाग को देता है. जबकि विशेष ड्राइव के दौरान 40 फीसदी तक के खाते केवल सौ रुपये से खोले गये हैं. इस तरह के खाते खुलने के बाद कभी ऑपरेट नहीं किये जाते हैं. इसके कारण वित्त मंत्रालय को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कम रकम का खाता खोलना पोस्ट मास्टर की मजबूरी 

विभाग के वरीय अधिकारियों का कहना है कि कम रकम के खाते खोलना पोस्ट मास्टर की मजबूरी है, क्योंकि विभाग को हर साल राजस्व बढ़ाने का दबाव है. अधिकारियों की मानें, तो लक्ष्य पूरा करने के लिए एक कैप से आठ से 10 खाते खुल रहे हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं. लेकिन टारगेट पूरा करने के चक्कर में इस तरह के अधिकांश खाते आगे चल कर अपने आप बंद हो जाते हैं. इस संबंध में जब डाक विभाग (बिहार सर्किल) के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल केके शर्मा और डाक निदेशक (मुख्यालय) पंकज कुमार मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया.

  • सर्किल- रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी)

  • सेंट्रल सर्किल – 2,46,129

  • इस्ट सर्किल – 1,51,103

  • नार्थ सर्किल – 2,11,115

  • कुल – 6,08,349

  • सर्किल – टीडी

  • सेंट्रल सर्किल -2,13,525

  • इस्ट सर्किल- 1,08,299

  • नॉर्थ सर्किल-1,04,156

  • कुल – 4,25,980

  • सुकन्या समृद्धि योजना

  • सेंट्रल सर्किल- 30,601

  • इस्ट सर्किल- 48,870

  • नॉर्थ सर्किल -71,889

  • कुल – 1,51,360

  • (यह आंकड़ा डाक विभाग का 1-4- 2022 से 2-2 -2023 तक का है.)

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