कर्ज की अधिकतर राशि कैपिटल एक्पेंडिचर पर खर्च

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कर्ज की अधिकतर राशि कैपिटल एक्पेंडिचर पर खर्च

कर्ज की राशि का सदुपयोग यदि कैपिटल एक्पेंडिचर के रूप में हो रहा हो, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है.

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संवाददाता,पटना कर्ज की राशि का सदुपयोग यदि कैपिटल एक्पेंडिचर के रूप में हो रहा हो, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है.राज्य सरकार पर कर्ज वर्ष-प्रतिवर्ष बढ़ रहा, लेकिन इसका संतोषजनक पहलू यह है कि ऋण की राशि का अधिकतर हिस्सा कैपिटल एक्पेंडिचर पर खर्च हो रहा है.पिछले पांच वित्तीय वर्षों के ऋण के खर्च के ट्रेंड यही बता रहा है. वर्ष 2019-20 में राज्य का कुल ऋण का 42.21 प्रतिशत हिस्सा कैपिटल एक्पेंडिचर मद में खर्च हो रहा था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 60.53 प्रतिशत हो गया है. कैपिटल एक्पेंडिचर से संपत्तियों का होता है निर्माण : संपत्तियों के सृजन और सुदृढ़ीकरण पर खर्च होने वाली राशि कैपिटल एक्पेंडिचर कहलाती है.राज्य के पूंजीगत खर्च का उपयोग मुख्यत: सड़क, भवन, बिजली और सिंचाई के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में किया जाता है.वर्ष 2024-25 के 29415 करोड़ की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैपिटल एक्पेंडिचर के लिए 40531 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

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