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लोगों की समस्या व कारण देख कर न्याय करना सही होता है : न्यायमूर्ति संजय करोल

Updated at : 30 Nov 2024 7:36 PM (IST)
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लोगों की समस्या व कारण देख कर न्याय करना सही होता है : न्यायमूर्ति संजय करोल

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि लोगों की समस्या व कारण देख कर न्याय करना सही होता है.कोर्ट में जनता की भाषा(हिंदी)का प्रयोग होने से लोगों को संत़ुष्टि व राहत मिलेगी.

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– न्याय प्रणाली में जनता की भाषा में प्रयोग होने से संतुष्टि व राहत मिलेगी

संवाददाता,पटना

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि लोगों की समस्या व कारण देख कर न्याय करना सही होता है.कोर्ट में जनता की भाषा(हिंदी)का प्रयोग होने से लोगों को संत़ुष्टि व राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या को समझना व उसका समाधान करना न्यायमूर्ति व अधिवक्ताओं का कर्तव्य है.वे अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद बिहार राज्य इकाई की ओर से विद्यापति भवन में ”” जन केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली”” विषय पर आयोजित परिचर्चा का उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे .विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति एस कुमार (राष्ट्रीय उपभोक्ता मंच, पटना), एडिशनल एसजीआइ डॉ केएन सिंह, अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के श्रीनिवास मूर्ति, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश राय उपस्थित थे.सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि पटना हाइकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रहने के दौरान कोरोना काल में डिजिटल व्यवस्था शुरू करा कर सुनवाई की. मई 2020 में सभी बेंच में यह व्यवस्था शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली. उन्होंने कहा कि बिहार से काफी सम्मान मिला. यह अद्भूत धरती है.उन्होंने संविधान दिवस पर बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर व देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के अविस्मरणीय योगदान से लोगों को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि संविधान का 75 वर्ष गौरवपूर्ण रहा है. संविधान ही हमारा पवित्र ग्रंथ है.न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि न्याय प्रणाली के क्षेत्र में बिहार में अच्छा काम हो रहा है.उन्होंने अधिवक्ताओं से जनता को उनके मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने की बात कही.आपसी विवाद को कोर्ट में आने से पहले सुलझाने के प्रयास पर जोर देने की बात कही.

गरीबों,वंचितों को सहयोग करने की जरूरत

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निवास मूर्ति ने कहा कि न्याय प्रणाली में गरीब व वंचित नहीं छूटे, इसका ध्यान रखना चाहिए. इसमें अधिवक्ताओं को सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कोर्ट में हिंदी की भाषा के प्रयोग की वकालत की. देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. कार्यक्रम में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पुर्णेन्दु सिंह, राजेश कुमार वर्मा, सीपी सिंह, आलोक कुमार पांडेय, सुनील दत्त मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए.कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यालय सचिव संतोष कुमार, बिहार प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार, बिहार प्रदेश महामंत्री संजीव कुमार, कोषाध्यक्ष अर्चना व बिहार एवं झारखंड जोनल सचिव सुनील कुमार उपस्थित थे. अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश राय ने कहा कि यह दिन नागरिकों के लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सम्मान करने और उन्हें बनाये रखने के लिए प्रोत्साहित करता है.कार्यक्रम में मंच संचालन आकृति व धन्यवाद ज्ञापन पटना हाइकोर्ट के अधिवक्ता सनत मिश्रा ने किया.

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