दिल के मरीजों के लिए सात मेडिकल कॉलेज होंगे हब सेंटर

Doctor with stethoscope and red heart shape with icon heartbeat in hands on hospital background
सरकार हृदय रोगियों को बेहतर उपचार के लिए राज्य के सात मेडिकल कॉलेजों को हब सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है.
पटना : सरकार हृदय रोगियों को बेहतर उपचार के लिए राज्य के सात मेडिकल कॉलेजों को हब सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है. यहां कैथ लैब स्थापित की जायेगी. वहीं, 33 जिला अस्पताल में हृदय राेगियों के जांच व सामान्य उपचार की व्यवस्था होगी. स्वास्थ्य विभाग के मंत्री मंगल पांडेय ने शुक्रवार को ललित कुमार यादव के अल्पसूचित प्रश्न पर विस में यह जानकारी दी.
मंगल पांडेय ने बताया कि चिह्नित मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मोड पर कैथ लैब स्थापित किये जायेंगे. यहां सातों दिन, 24 घंटे हर्ट के मरीज को इमरजेंसी सेवाएं मिलेंगी. प्राइमरी एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सुविधाएं होंगी. सभी प्रकार के हर्ट संबंधी रोगों की स्क्रीनिंग कर उपचार दिया जायेगा. इसीजी, इकोकार्डियोग्राफी, होल्टर व ट्रेड मिल टेस्ट जैसे सभी अत्याधुनिक जांच किये जायेंगे. कैमूर, खगड़िया, किशनगंज, नालंदा व पश्चिमी चंपारण को छोड़कर सभी 33 जिलों के सदर अस्पताल को हर्ट पेसेंट के लिए हब सेंटर के सहायक अस्पताल के रूप में विकसित किया जायेगा.
पांच मिनट में मिलेगी इसीजी रिपोर्ट, विशेषज्ञ देंगे सलाह : राज्य के 33 सदर अस्पतालों में इसीजी की सुविधा होगी. यहां आने वाले हर्ट पेसेंट की इसीजी रिपोर्ट को पांच से दस मिनट में हब (मेडिकल कॉलेज ) को आॅनलाइन भेज दी जायेगी. वहां विशेषज्ञ चिकित्सक इसकी जांच कर चिकित्सकीय सलाह देंगे. इन सदर अस्पतालों में चेस्ट पेन के रोगियों की स्क्रीनिंग भी की जायेगी.
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By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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