Nitish Cabinet: गयाजी और मुंगेर को सिविल डिफेंस जिला किया गया घोषित, जानिए नीतीश कैबिनेट के सभी बड़े फैसले
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 09 Dec 2025 9:22 PM
नीतीश कुमार
Nitish Cabinet: बिहार के गयाजी और मुंगेर जिले को प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के साथ साथ सामरिक एवं आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में दोनों जिलों को सिविल डिफेंस जिला (नागरिक सुरक्षा जिला) बनाने की स्वीकृति दी गयी है. इसके साथ ही राज्य में सिविल डिफेंस जिलों की संख्या बढ़कर 30 हो गयी है. पूर्व में 28 जिलों को सिविल डिफेंस जिला घोषित किया जा चुका है.
Nitish Cabinet: कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि गयाजी शहर भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली होने, पितृपक्ष मेला और बौद्ध महोत्सव आयोजित होने के कारण सालों भर देशी व विदेशी अतिथियों से भरा रहता है. इसी प्रकार से मुंगेर जिला में कई प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान में जमालपुर रेल कारखाना, ब्रिटिश गन फैक्ट्री एवं अन्य आइटीसी फैक्ट्री स्थापित हैं. युद्ध या शत्रु हमले की स्थिति में इन जिलों को लक्षित कर देश देश को नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
दोनों जिलों में प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति बनी रहती है. इको ध्यान में रखते हुए गयाजी और मुंगेर को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित करते हुए उनमें नागरिक जिला इकाइयों के लिए कुल 14 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी.
नेशनल एक्सचेंज के साथ एमओयू की मंजूरी, युवाओं को मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने बिहार के युवाओं के सशक्तीकरण और हुनर विकास के लिए विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन वेबिनार और ऑफलाइन सेमिनार के माध्यम से निवेशक जागरुकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. इससे विद्यार्थियों, लाभुकों और व्यवसायिक लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाने का कार्य नेशनल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसइआइएल) मुंबई द्वारा बिहार के युवाओं के हुनर विकास के लिए विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम का संचालन किया जायेगा.
इसको लेकर बिहार सरकार के साथ नेशनल एक्सचेंड के बीच एमओयू की स्वीकृति दी गयी. इसी प्रकार के भारतीय और विदेशी निवेश को प्रबंधन करने के लिए नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड (एनआइआइएफएल) के माध्यम से राज्य की विभिन्न परियोजनाओं में सहायता देने के लिए एमओयू पर सहमति दी गयी. यह सेंट्रल पीएसयू कंपनी है.
वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष फाउंडेशन का होगा गठन
कैबिनेट ने वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष क्षेत्र में बाघ एवं जैव विविधता संरक्षण, प्रबंधन एवं इको विकास को सरल बनाने के लिए व्याघ्र संरक्षण फाउंडेशन के गठन की स्वीकृति दी गयी. भारत सरकार द्वारा भी इस आशय का निर्देश दिया गया था. कैबिनेट ने वाल्मीकि व्याघ्र न्यास फाउंडेशन के लिए 15 करोड़ की राशि का कार्पस फंड के गठन की भी स्वीकृति दी है जिससे उसका विकास व संरक्षण किया जा सके.
इसके अलावा संजय गांधी जैविक उद्यान,पटना के वन्यप्राणी जागरुकता एवं प्रचार-प्रसार, इको टूरिज्म, पशु कल्याण, वन्यप्राणी संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सहायता के लिए एक सोसाइटी के गठन की स्वीकृति दी गयी. संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी का गठन करने की स्वीकृति दी गयी. यह सोसाइटी उद्यान के बजटीय आवंटन को पूरा करने के लिए पार्क प्रवेश शुल्क, दंड शुल्क, प्रायोजन, अनुदान, दान, दत्तक निधि सहित अन्य संसाधनों को बढ़ा सकती है.
दस्तावेज लेखकों का लाइसेंस जारी करने में कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के साथ भेदभाव नहीं होगा
कैबिनेट ने 11अप्रैल, 2023 के बाद 30 जून-31 दिसंबर को सेवानिवृत होनेवाले सरकारी सेवकों को मात्र पेंशन की गणना के लिए वैचारिक वेतनवृद्धि की स्वीकृति दी है. इससे उनको पेंशन में लाभ होगा. बिहार दस्तावेज लेखक लाइसेंस (संशोधन) नियमावली 2025 के गठन की स्वीकृति दी गयी है. अब दस्तावेज लेखकों का लाइसेंस जारी करने में कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के साथ भेदभाव नहीं होगा.
मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत चिकित्सा पदाधिकारी जहां आवश्यक हो,न्यायालय के अगले आदेश तक कुष्ठ रोग या अन्य किसी संक्रामक रोग से प्रभावित पाये गये किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित व्यक्ति को तत्काल इलाज के लिए प्रमाणित गृह, विशेष गृह या कार्य गृह में व्यवस्था कर सकेंगे. राज्य के नगर निकायों के पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के बकाये बिल भुगतान के लिए कुल चार सौ करोड़ की स्वीकृति दी गयी.
ऑपरेशन सिंदूर के शहीद बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मो इम्तियाज के पुत्र मो इमदाद रजा को अनुकंपा पर नौकरी
रोहतास के तत्कालीन जिला प्रबंधक सुधीर कुमार को सेवा से बर्खास्तगी की स्वीकृति दी है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर स्व मो इम्तियाज के आश्रित पुत्र मो इमदाद रजा को अनुकंपा के आधार पर की गयी नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गयी.
कैबिनेट ने बिहार इलेक्ट्रानिक आदेशिका (जारी करना, तामिला एवं निष्पादन) नियमावली 2025 के गठन की स्वीकृति दी. बिहार ई-साक्ष्य प्रबंधन नियमावली 2025 के गठन की भी स्वीकृति मिली. बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के भू-स्थानिक सेवाओं के उपयोग के लिए नीति 2025 के गठन की स्वीकृति दे दी गयी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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