राजगीर और पूर्णिया में बनेगा एफएसएल लैब, दो माह के अंदर शुरू होगा काम

Updated at : 23 Aug 2024 9:15 AM (IST)
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राजगीर और पूर्णिया में बनेगा एफएसएल लैब, दो माह के अंदर शुरू होगा काम

Forensic scientists working in the crime laboratory located in Ridgepoint House. The forensic laboratory has been created to provide a dedicated blood screening service on all major crime exhibits that are submitted through to the forensic unit. The aim of this is to only submit exhibits with blood present which are likely to generate a DNA profile.

Forensic Lab: पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पहले चरण में नौ पुलिस रेंज में स्थायी विधि-विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है. शेष 28 जिलों में चलंत विधि-विज्ञान इकाई की सुविधा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है.

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Forensic Lab: पटना. नये कानूनों के लागू होने के बाद फॉरेंसिक के बढ़े महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने राजगीर और पूर्णिया में क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशाला शुरू करने का निर्णय लिया है. प्रयोगशाला के उपकरणों की खरीद को लेकर गृह विभाग ने करीब 13.5 करोड़ रुपये स्वीकृत दे दी है. राजगीर के क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 2.90 करोड़ रुपये, जबकि पूर्णिया के क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 10.49 करोड़ रुपये से उपकरणों की खरीद की जायेगी. अगले एक से दो माह में लैब जांच शुरू होने की संभावना है.

पुलिस जांच को मिलेगी गति

एफएसएल के लिए तुलनात्मक माइक्रोस्कोप, बुलेट पुलर, हाट एयर अवर, डिजिटल वेइंग बैलेंस, रेफि्रजेरेटर, यूवी लैंप, इंक्यूबेटर, लेबोरेटरी वर्किंग टेबल, फायरिंग बाक्स, पीएच मीटर आदि की खरीद की जायेगी. दरअसल, एक जुलाई से नये आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद एफएसएल पुलिस जांच का अहम अंग हो गया है. सात साल से अधिक सजा वाले अपराध में एफएसएल जांच अनिवार्य कर दी गई है. पहले यह अनिवार्यता नहीं थी. ऐसे में एफएसएल जांच के लिए प्रदर्शों के सैंपल की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है.

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बिहार में अभी तीन लैब कार्यरत

राज्य में अभी पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के स्थायी विधि-विज्ञान प्रयोगशालाओं में जांच हो रही है. इसके अलावा गया, पूर्णिया आदि जिले में मोबाइल फोरेंसिक लैब है. साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सभी जिलों में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जांच की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है. पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पहले चरण में नौ पुलिस रेंज में स्थायी विधि-विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है. शेष 28 जिलों में चलंत विधि-विज्ञान इकाई की सुविधा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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