Flood in Bihar : बाढ़ के पानी में समाये मकान, रेलवे स्टेशन पर रहने को मजबूर हुए लोग

Updated at : 31 Jul 2020 11:26 AM (IST)
विज्ञापन
Flood in Bihar : बाढ़ के पानी में समाये मकान, रेलवे स्टेशन पर रहने को मजबूर हुए लोग

Flood in Bihar गोपालगंज में बाढ़ से प्रखंड की 12 पंचायतों में तबाही मची है. गांवों के अलावा भारत शुगर मिल्स, थाना परिसर और प्रखंड कार्यालय में भी पानी प्रवेश कर गया है. लोग घर छोड़कर स्टेशन, सिधवलिया बाजार और पुराने प्रखंड कार्यालय में शरण लिये हुए हैं

विज्ञापन

गोपालगंज : बाढ़ से प्रखंड की 12 पंचायतों में तबाही मची है. गांवों के अलावा भारत शुगर मिल्स, थाना परिसर और प्रखंड कार्यालय में भी पानी प्रवेश कर गया है. लोग घर छोड़कर स्टेशन, सिधवलिया बाजार और पुराने प्रखंड कार्यालय में शरण लिये हुए हैं. यहां इन्हें सामुदायिक रसोईघर के माध्यम से दो वक्त का भोजन कराया जा रहा है, लेकिन अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उधर, गांवों में गंडक का तांडव जारी है.

इस बीच बाढ़ के पानी के दबाव से थाना रोड निवासी मनोज गिरि और गौरी गिरि के मकान का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा. गनीमत थी कि घटना के समय पूरा परिवार पुराने ब्लॉक कार्यालय में शरण लिये हुए था. बता दें कि गंडक की तेज धारा में झोंपड़ियों की कौन कहे, पक्के मकान बह जा रहे हैं. इससे पहले भी बैकुंठपुर प्रखंड में पक्के मकान गंडक की तेज धारा में बह गये थे.

बुचेया में पांच दिनों से बिजली गुल

बाढ़ के कारण विगत पांच दिनों से बुचेया पंचायत में बिजली आपूर्ति ठप है. इस कारण लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं. अंधेरे के कारण सर्पदंश का खतरा भी बना हुआ है. उधर, बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण स्टेट बैंक की शाखा में विगत तीन दिनों से लिंक बाधित है, जिस कारण लोगों को पैसा भी नहीं मिल पा रहा है.

बाढ़ से विस्थापित स्टेशन से ही देख रहे तबाही का मंजर

बाढ़ से विस्थापित बड़ी संख्या में लोग पूर्वोत्तर रेलवे के रतन सराय स्टेशन से तबाही का मंजर देख रहे हैं. बाढ़ व बारिश के दौरान टूटे व क्षतिग्रस्त घरों को अब कैसे खड़ा करेंगे की चिंता विस्थापित परिवारों को सताने लगी है. बाढ़ से घिरे गांव व विस्थापित परिवारों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. एक ओर जहां शौचालय, पेयजल की समस्या है, वहीं दूसरी ओर भर पेट भोजन नसीब नहीं हो रहा है. बरौली प्रखंड बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित है. घरों में फंसे लोगों को राहत नहीं मिलने से आक्रोश व्याप्त है.

सुरवल, जाफरटोला, रतन सराय गांव के घरों में बाढ़ के पानी घुसा हुआ है, जहां चार सौ से अधिक परिवार विस्थापित होकर पॉलीथिन टांग स्टेशन पर विस्थापित हैं. बांध पर विस्थापित परिवार माल-मवेशी व बच्चों के साथ जीवन गुजार रहे हैं. विस्थापित शीला देवी, कुसमा देवी, सुनिता देवी, आशा देवी कहती हैं कि बाढ़ के पानी में सब कुछ बर्बाद हो गया है. घर में कुछ नहीं बचा है. बांध पर विस्थापित होकर विगत 25 जुलाई से शरण लिये हुए हैं. बच्चों के लिए खाना बनने के बाद फिर मवेशी के चारे के जुगाड़ में लग जाते हैं. चारों ओर तबाही है. गरीब को देखने वाला कोई नहीं है. हर तरफ पानी रहने से शौचालय जाने में परेशानी हो रही है, साथ ही शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है. छोटेलाल रावत, शिवजी ठाकुर, गोरख राउत, नंदजी राम, उमाशंकर साह, प्रेमचंद राउत कहते हैं कि बरौली पूर्ण रूप से बाढ़ से ग्रस्त है, लेकिन अब तक सरकार व प्रशासन द्वारा कोई राहत या बचाव कार्य नहीं किया जा रहा है.

वार्ड सदस्य करा रहे भोजन का इंतजाम

वार्ड सदस्यों की ओर से भोजन का इंतजाम किया जा रहा है. प्रशासन की तरफ से रेलवे स्टेशन पर सामुदायिक किचेन या खाने का इंतजाम नहीं हो पाया है. इन पीड़ितों के घरों में छाती भर पानी बह रहा है. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर लोग सरकारी सहयोग की टकटकी लगाये हुए हैं.

Posted By : Rajat Kumar

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन