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Flood in Bihar: बांध के लिए वरदान बनेगा 'तटबंध एम्बुलेंस', नदियों में ऊफान से पहले नीतीश सरकार की बड़ी तैयारी

Updated at : 04 Jul 2025 8:38 AM (IST)
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bihar flood update

केशोपुर झरहा के निकट फल्गू नदी का टूटा तटबंध

Flood in Bihar: बिहार में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ी तैयारी की है. जल संसाधन विभाग ने विभिन्न नदियों पर अवस्थित अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर कटाव निरोधक कार्य पूर्ण कर लिया है. नदियों पर निर्मित बराज के माध्यम से नदी के जलश्राव का अनुश्रवण समय-समय पर करते हुए जलश्राव में अप्रत्याशित वृद्धि की स्थिति में संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं जिला पदाधिकारियों को भी इसकी सूचना अविलम्ब भेजी जा रही है.

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Flood in Bihar: पटना. बिहार सरकार ने बीमार बांधों के लिए ‘तटबंध एम्बुलेंस’ की व्यवस्था की है. जल संसाधन विभाग ने खतरनाक और अतिसंवेदनशील स्थलों पर तटबंध एम्बुलेंस की तैनाती की है, जिसमें एक ट्रैक्टर पर पोर्टेबल जेनरेटर, हैलोजन लाइट, ईसी बैग, नायलन क्रेट, खाली जिओ बैग एवं फिल्टर मटेरियल के साथ कम से कम दस मजदूरों को तैनात किया गया है. बाढ़ प्रक्षेत्र के कुल 3808 किलोमीटर तटबंध की निगरानी के लिए प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक तटबंध श्रमिक की तैनाती की गई है. तटबंधों पर निगरानी एवं चौकसी के लिए पदाधिकारियों एवं श्रमिकों के अस्थाई आवासन, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की गई है. बाढ़ के दौरान खतरनाक तटबंधों की सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय अभियंताओं को परामर्श देने के लिए अनुभवी व सेवानिवृत अभियंताओं की अध्यक्षता में कुल 11 बाढ़ सुरक्षा बलों का भी गठन किया गया है.

सतत निगरानी का कोई और विकल्प नहीं

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बाढ़ग्रसत क्षेत्रों में सतत निगरानी का कोई और विकल्प नहीं है. ऐसा कोई भी तटबंध का हिस्सा न छूटे, जहां वरिष्ठ अधिकारी का निरीक्षण न हुआ हो. साथ ही सभी स्थलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित की गई है. तटबंधों के आसपास स्थित जर्जर पुल एवं पुलियों की भी रिपोर्ट तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिहार में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. विभिन्न नदियों पर अवस्थित अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर बाढ़-2025 से पूर्व कटाव निरोधक कार्य पूर्ण करा लिये गए हैं. बाढ़ अवधि के दौरान खतरनाक, अतिसंवेदनशील और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों का भंडारण कर लिया गया है.

क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना

बिहार में 1 जून से 31 अक्टूबर तक बरसात का मौसम रहता है. इस दौरान विभिन्न जिलों में चिन्हित किए गये अतिसंवेदनशील व संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी के इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए विभिन्न स्तर पर केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है. बाढ़ से बचाव के लिए राज्य की विभिन्न नदियों के कुल 394 स्थलों पर राज्य योजना, केन्द्र प्रायोजित व आपदा मद के तहत 1310.09 करोड़ रुपये की लागत से कटाव निरोधक कार्य पूरे हो चुके हैं. इनमें गंगा, कोशी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, महानंदा आदि नदी बेसिन शामिल हैं. बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए पटना में बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केंद्र के तहत गणितीय प्रतिमान केंद्र ने भी अपना काम शुरू कर दिया है. इस केंन्द्र के द्वारा गंगा नदी के बक्सर से कहलगांव तक सात स्थलों सहित विभिन्न नदियों के कुल 42 स्थलों पर बाढ़ का पूर्वानुमान 72 घंटे पूर्व उपलब्ध हो सकेगा.

पड़ोसी देश नेपाल के साथ समन्वय

पड़ोसी देश नेपाल में स्थित कोशी बराज एवं तटबंधों पर बाढ़ सुरक्षा के कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जा चुके हैं. नेपाल के जल एवं मौसम विभाग से नेपाल उत्तर बिहार के विभिन्न नदी बेसिन में होने वाले वास्तविक वर्षापात और वर्षा के पूर्वानुमान की सूचना ससमय प्राप्त हो रही है. जल संसाधन विभाग के संपर्क पदाधिकारी काठमांडु स्थित अपने कार्यालय के द्वारा नेपाल एवं बिहार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम कर रहे हैं. बाढ नियंत्रण कोषांग के अंतर्गत सहायता केन्द्र का अधिष्ठापन 01 जून से किया जा चुका है, जिसके तहत प्रतिदिन 24 घंटे टॉल फ्री नं0-1800 345 6145, दूरभाष नंबर-0612-2206669, 0612-2215850 और मोबाईल नंबर-7463889706, 7463889707 कार्यरत है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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