छह साल में दस गुणा बढ़ा इथेनॉल का उत्पादन, पर भंडारण क्षमता नहीं

Updated at : 05 Aug 2024 12:58 AM (IST)
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छह साल में दस गुणा बढ़ा इथेनॉल का उत्पादन, पर भंडारण क्षमता नहीं

भंडारण क्षमता के अभाव में दक्षिण भारतीय राज्यों में भेजे जा रहे बिहार के इथेनॉल - परिवहन के चलते व्यवसायियों की बढ़ रही उत्पादन लागत

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– भंडारण क्षमता के अभाव में दक्षिण भारतीय राज्यों में भेजे जा रहे बिहार के इथेनॉल – परिवहन के चलते व्यवसायियों की बढ़ रही उत्पादन लागत संवाददाता, पटना. पिछले छह वर्षों के दौरान बिहार में इथेनॉल का उत्पादन करीब दस गुणा बढ़ गया है. सूबे में 2018 में इथेनॉल का उत्पादन मात्र 5.77 करोड़ लीटर था, जो 2024 की पहली छमाही में ही 32.13 करोड़ लीटर पहुंच गया है. अधिकारियों के मुताबिक इस साल कई नयी इकाइयों से उत्पादन शुरू होने के चलते साल अंत तक उत्पादन 60 करोड़ लीटर पार करने की उम्मीद है. दूसरी तरफ पेट्रोलियम कंपनियों के स्तर पर भंडारण क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकी है. अब भी मात्र 15 करोड़ लीटर के आसपास ही इथेनाॅल का भंडारण संभव हो पा रहा है. इसके चलते उत्पादकों के टैंकर कई दिनों तक पेट्रोलियम कंपनियों के प्लांटों में खड़े रखे जाने के बाद दक्षिण भारत के राज्य केरल आदि भेज दिये जा रहे हैं. इससे उत्पादकों की उत्पादन लागत बढ़ रही है. पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल में मिश्रण के लिए कर रहीं इस्तेमाल दरअसल पेट्रोलियम कंपनियां इथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल में मिश्रण को लेकर कर रही हैं. इसको लेकर पेट्रोलियम कंपनियों का बिहार सरकार व निजी डिस्ट्रिलिरियों के साथ समझौता हुआ है. वर्तमान में केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 10 फीसदी इथेनाॅल के मिश्रण की मंजूरी दी है. सरकार ने 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय किया है. इसको देखते हुए इथेनॉल के भंडारण को लेकर पेट्रोलियम कंपनियों को अपनी क्षमता बढ़ानी होगी. मक्का की मांग बढ़ कर 1820 से 2240 रुपये क्विंटल तक पहुंची बिहार में इथेनॉल उत्पादन इकाइयां बढ़ने से खास कर मक्के की मांग बढ़ी है. पहले बाजार में मक्का 1820 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस बार बढ़ कर 2240 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. इसके अलावा अनाज, चावल और छोआ आधारित इथेनॉल इकाइयों का भी संचालन हो रहा है. 2020 तक अनाज और मक्का आधारित मात्र एक-एक इकाई ही कार्यरत थी, मगर अब ग्रेन आधारित पांच और मक्का आधारित चार इथेनॉल इकाइयां चल रही हैं. वर्तमान में डेढ़ दर्जन डिस्टलरीज से बड़ी मात्रा में इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है. …………………….. इस साल अब तक इथेनॉल का सर्वाधिक उत्पादन करने वाली प्रमुख डिस्टलरीज : बिहार डिस्टिलर्स एंड बोटलर्स प्रा लि, भोजपुर : 9.08 करोड़ लीटर पटेल एग्रो, नालंदा : 5.53 करोड़ लीटर हरिनगर डिस्टलरी, पश्चिम चंपारण : 2.74 करोड़ लीटर मुजफ्फरपुर बायोफ्यूल्स प्रा लि : 1.96 करोड़ लीटर ग्लोबल स्प्रिट्स लि. वैशाली : 1.88 करोड़ लीटर वेस्टवेल बायोरिफाइनरिज प्रा लि, गोपालगंज : 1.87 करोड़ लीटर न्यू स्वेदशी डिस्टलरी, नरकटियागंज : 1.74 करोड़ लीटर भारत ऊर्जा डिस्टलरी, मुजफ्फरपुर : 1.53 करोड़ लीटर भारत शुगर मिल सिधवालिया, गोपालगंज : 1.47 करोड़ लीटर न्यू वे होम, बेगूसराय : 1.15 करोड़ लीटर

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