Chirag Paswan: पशुपति पारस को लेकर चिराग पासवान ने दिया बड़ा बयान, बोले- 'मेरे और उनके खून में फर्क'
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 29 Nov 2024 9:57 AM
Chirag Paswan Pashupati Kumar Paras
Chirag Paswan: चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस को लेकर कहा है कि परिवार से अलग होने का फैसला उन्होंने लिया था. अब आगे क्या होगा ये फैसला भी उन्हीं को करना है.
Chirag Paswan: लोक जनशक्ति पार्टी (रा) का स्थापना दिवस पूरे बिहार में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस अवसर पर चिराग पासवान पटना स्थित पार्टी के पुराने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत किया. अपने पिता और पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की यादों को ताजा करते हुए कहा चिराग ने कहा कि मेरे पिता रामविलास पासवान की सोच को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की गई थी. चिराग पासवान ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि वह हमेशा यह चाहते थे कि लोक जनशक्ति पार्टी का विस्तार हो और उनकी सोच आगे बढ़े. उनका सपना था कि यह पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बने. आज तीन राज्यों में हमारे पास न केवल जनाधार है, बल्कि हम प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं. इस उद्देश्य को लेकर पार्टी जल्द राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगी.

चिराग ने बताया लक्ष्य
चिराग पासवान ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में 225 से ज्यादा सीटें जीतने का है और यह विश्वास हमें उपचुनावों से मिला है. उपचुनावों में हमारे एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया और हम बिहार में चारों सीटों पर विजय हासिल करने में सफल रहे. मैं मानता हूं कि 2025 के चुनावों में प्रदेश की 225 से ज्यादा सीट जीतने के इस लक्ष्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम पूरा करेंगे. 2025 में मुख्यमंत्री का चेहरा अभी से तय हो चुका है और एनडीए गठबंधन के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही हम चुनाव लड़ेंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि अगले साल जब हम पार्टी के स्थापना दिवस पर एकत्र होंगे, तब तक नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके होंगे.
मिथिला राज्य पर क्या बोले चिराग
राबड़ी देवी के मिथिला राज्य की मांग पर चिराग पासवान ने कहा कि मेरी लड़ाई बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट की है. जब तक बिहार एकजुट रहेगा, हम सबकी ताकत बनी रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है ‘एक हैं, तो सुरक्षित हैं’, वही हमारी शक्ति है. हमें जाति, धर्म, भाषा, या क्षेत्रवाद के नाम पर बांटने की राजनीति से बचना होगा. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि ये लोग बांटने की कितनी राजनीति करते हैं.

चाचा के साथ भविष्य पर क्या बोले
एलजेपी (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पशुपति पारस के साथ आने के सवाल पर कहा कि वह हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग हैं. अलग होने का फैसला उन्होंने अकेले ही लिया था, मेरी मां से हर रिश्ते को तोड़ने का फैसला भी उन्हींने किया. भविष्य में साथ आना है या नहीं, यह फैसला भी उन्हीं का होगा. चिराग ने आगे यहां तक कहा कि मेरे और उनके खून में फर्क है. मैं नहीं मानता आने वाले दिनों में ये चीजें कभी एक हो सकती है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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