Bihar Weather Alert: बिहार में मौसम का गर्म हुआ मिजाज, कब दस्तक देगा प्री-मानसून?, जानें मार्च माह में कैसा रहेगा गर्मी का तेवर

Updated at : 06 Mar 2021 8:36 AM (IST)
विज्ञापन
bihar weather

सांकेतिक फोटो

Bihar Weather Report: बिहार में मौसम का मिजाज गर्म है. फरवरी- मार्च महीने में ही अप्रैल माह में तेवर दिखाने वाली गर्मी ने दस्तक दे दी है. वहीं तापमान में उतार-चढ़ाव भी लगातार जारी है. एक बार फिर सूबे के कई इलाकों का पारा बढ़ा है. पिछले दो दिनों के बाद शुक्रवार को प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. शुक्रवार का दिन राजधानी पटना सहित कई जिलों के लिए परेशान करने लायक रहा. यहां का तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. वहीं हवा में 49 फीसदी आद्रता रिकार्ड की गई.

विज्ञापन

Bihar Weather Report: बिहार में मौसम का मिजाज गर्म है. फरवरी- मार्च महीने में ही अप्रैल माह में तेवर दिखाने वाली गर्मी ने दस्तक दे दी है. वहीं तापमान में उतार-चढ़ाव भी लगातार जारी है. एक बार फिर सूबे के कई इलाकों का पारा बढ़ा है. पिछले दो दिनों के बाद शुक्रवार को प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. शुक्रवार का दिन राजधानी पटना सहित कई जिलों के लिए परेशान करने लायक रहा. यहां का तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. वहीं हवा में 49 फीसदी आद्रता रिकार्ड की गई.

शुक्रवार को राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं गया, भागलपुर और पूर्णिया के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मौसम वैज्ञानियों की मानें तो अभी सूबे के तापमान में यह उतार-चढ़ाव जारी ही रहेगा. 15 मार्च के बाद ही राजधानी का मौसम कुछ स्थिर होने की संभावना जतायी जा रही है.

दो दिनों की राहत के बाद शुक्रवार को लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया. तापमान में यह बढ़ोतरी अभी अगले दो दिनों तक देखी जा सकती है. यूं तो मार्च से गर्मी अपने रुप में आना शुरू कर देती है लेकिन इस माह के प्रवेश करते ही पहले सप्ताह में ऐसी तपिस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है.

Also Read: बिहार पंचायत चुनाव: नियमों को तोड़कर कई जिलों में प्रतिबंधित जगहों पर बना दिए 400 बूथ, अब चुनाव आयोग करेगी कार्रवाई

तापमान में हुई इस वृद्धि से किसानों का भी नुकसान हो रहा है. गर्मी के कारण रबी की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है. गेहूं की फसल को सबसे अधिक खतरा है. वहीं मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मार्च से मई के बीच के समय को सूबे में प्री-मानसून का समय माना जाता है. सूबे में इस समय कालबैशाखी प्रभावी हो जाती है.

प्री मानसून के दस्तक के साथ ही आम लोगों को इस समय तेज मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भय भी सताया रहता है. पिछले साल बिजली गिरने के कारण कई अप्रिय घटनाएं सूबे में हुई हैं.

Posted By: Thakur Shaktilochan

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन