चार महीने से सैलरी का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए RJD पहुंची राजभवन, राज्यपाल से लगाई गुहार
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Jun 2026 5:15 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Niyojit Teachers Salary: बिहार के नियोजित शिक्षकों को चार महीने से वेतन न मिलने और उनका प्रमोशन रुकने पर आरजेडी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है. पार्टी ने शिक्षकों की बदहाली का हवाला देते हुए समय पर सैलरी और नियमानुसार हेडमास्टर पद पर प्रमोश देने की बात कही है.
Bihar Niyojit Teachers Salary: बिहार के नियोजित शिक्षकों की रुकी हुई सैलरी और उनके प्रमोशन की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्यपाल के पास गुहार लगाई है. आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वे इस मामले में दखल दें. उन्होंने कहा है कि राज्य के नियोजित शिक्षकों को हर महीने समय पर वेतन मिलना चाहिए और सरकारी नियमों के हिसाब से उनका प्रमोशन भी जल्द से जल्द होना चाहिए. आरजेडी प्रवक्ता ने इसे शिक्षकों के साथ हो रहा बड़ा अन्याय बताया है और कहा है कि सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.
चार महीने से सैलरी नहीं मिलने से शिक्षक परिवार परेशान
राज्यपाल को भेजी गई चिट्ठी में आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने शिक्षकों की खराब हालत पर चिंता जताई है. उन्होंने बताया कि राज्य के नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है. इतने लंबे समय से सैलरी न मिलने की वजह से लाखों शिक्षकों के घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है और उनके परिवार दाने-दाने को तरस रहे हैं. बच्चों के स्कूल की फीस भरने, घर का राशन लाने और बीमारी में इलाज कराने जैसी जरूरतों के लिए इन शिक्षकों को दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा है. राजद प्रवक्ता ने कहा कि बच्चों का भविष्य बनाने वाले इन शिक्षकों को समय पर पैसा न मिलना बेहद शर्मनाक है.

नियम होने के बाद भी अफसरों ने रोक रखा है प्रमोशन
आरजेडी प्रवक्ता ने शिक्षा विभाग पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नियमावली में साफ-साफ लिखे होने के बावजूद शिक्षकों को उनके हक का प्रमोशन नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक 12 साल की नौकरी पूरी करने वाले शिक्षकों को टाइम बाउंड प्रमोशन मिलना चाहिए. इसके अलावा बेसिक ग्रेड में 8 साल काम करने पर स्नातक ग्रेड में और स्नातक ग्रेड में 5 साल की सेवा पूरी होने पर मिडिल स्कूल के हेडमास्टर पद पर प्रमोशन देने का नियम है, लेकिन अफसरों की लापरवाही से यह सब ठप पड़ा है.
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ईपीएफ कटौती को लेकर भी उठाई मांग
चित्तरंजन गगन ने राज्यपाल से यह भी मांग की है कि नियोजित शिक्षकों के ईपीएफ (EPF) खाते में होने वाली पैसों की कटौती को लेकर भी सुधार किया जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ईपीएफ अंशदान की कटौती उनके असली और पूरे मूल वेतन के आधार पर की जानी चाहिए, ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें इसका सही लाभ मिल सके. आरजेडी ने साफ किया है कि जब तक शिक्षकों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, पार्टी इस मुद्दे को दबाने नहीं देगी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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