रामगढ़ माइंस हादसा पर बोले आदित्य साहू, एसपी-डीसी पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 13 Jun 2026 7:57 PM

विज्ञापन

भाजपा की झारखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू. फाइल फोटो.

Ranchi News: रामगढ़ में अवैध खनन के दौरान चार मजदूरों की मौत के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने एसपी और डीसी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की और अवैध खनन पर कार्रवाई को महज दिखावा करार दिया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News: रामगढ़ जिले में अवैध कोयला खनन के दौरान चार मजदूरों की मौत के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मामले की जवाबदेही तय करने और जिले के उपायुक्त (डीसी) तथा पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई है.

हादसे के बाद भाजपा ने सरकार को घेरा

रामगढ़ की अवैध खदान में चार मजदूरों की मौत के बाद भाजपा ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दावे केवल दिखावे तक सीमित हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा समय-समय पर अवैध खनन रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता.

निचले स्तर पर कार्रवाई से नहीं चलेगा काम: साहू

आदित्य साहू ने कहा कि इस मामले में केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा. घटना की जवाबदेही तय करते हुए जिले के एसपी और डीसी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन समय पर अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण करता, तो चार मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी. इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है.

कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा करने का आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के खिलाफ सख्ती के दावे महज आईवॉश हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछली समीक्षा बैठकों के बाद कितने अधिकारियों और खनन माफियाओं पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सख्त निर्देशों का उद्देश्य अवैध कारोबार को रोकना नहीं, बल्कि कथित रूप से कमीशन की व्यवस्था को मजबूत करना है. हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विशेष उदाहरण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया.

कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

आदित्य साहू ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की बात भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं सुन रहे हैं. उन्होंने कहा कि मजबूर होकर वित्त मंत्री को खुद मैदान में उतरकर छापेमारी करनी पड़ रही है. इससे साफ पता चलता है कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था किस प्रकार काम कर रही है.

खनिज संसाधनों की लूट का लगाया आरोप

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि धनबाद, संताल परगना समेत पूरे राज्य में कोयला, बालू, पत्थर और जमीन की खुलेआम लूट जारी है. उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और अदालतों की सक्रियता के बावजूद अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा नेटवर्क सरकार और प्रशासन के संरक्षण में फल-फूल रहा है.

इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर की बेटी ने कर दिया कमाल, गुरुग्राम में बनाई 1000 फीट लंबी पेंटिंग

आंदोलन की चेतावनी

आदित्य साहू ने कहा कि यदि हर बार की तरह इस मामले में भी लीपापोती की कोशिश की गई, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी. रामगढ़ हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच और सरकारी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं.

इसे भी पढ़ें: आदिवासी महिला से दुर्व्यवहार के मामले में नप गए चांडिल के एएसआई, वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola