Bihar News: सीमाओं पर कड़ी चौकसी, 393 चेकपोस्ट से सख्त निगरानी

Strict vigilance at the borders, strict monitoring from 393 checkposts
Bihar News: चुनावी के समय बिहार की सीमाएं सिर्फ भौगोलिक रेखाएं नहीं रह जातीं, बल्कि लोकतंत्र की सुरक्षा की पहली चौकी बन जाती हैं. इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासन ने कमान पूरी तरह अपने हाथों में ले ली है.
Bihar News: आगामी विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा इंतजाम किए हैं. राज्य के 23 जिलों में 393 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 50 एसएसबी पोस्ट भी शामिल हैं.
शराब, हथियार और नकदी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ सीधा तालमेल किया जा रहा है. प्रशासन की रणनीति साफ है—इस बार चुनाव में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
393 चेकपोस्ट और 176 मिरर पोस्ट
बिहार चुनावी मौसम में हमेशा से संवेदनशील रहा है. इस बार मद्य निषेध एडीजी अमित जैन ने साफ कहा है कि चुनाव के दौरान अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए 23 सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा और कड़ी की गई है. इन इलाकों में हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की बारीकी से जांच हो रही है. खासकर शराब, हथियार और नकदी का अवैध प्रवाह रोकना पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता है.
राज्य पुलिस मुख्यालय ने सीमाओं पर निगरानी का पूरा खाका तैयार किया है. कुल 393 चेकपोस्ट बनाए गए हैं. इनमें से 50 एसएसबी के हैं, जबकि 176 मिरर चेकपोस्ट भी स्थापित किए जा रहे हैं. इन मिरर पोस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पड़ोसी राज्यों से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कोई भी अवैध सामान बिहार में प्रवेश न कर सके.
पड़ोसी राज्यों से तालमेल
बिहार की सीमाएं उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटी हुई हैं. यही वजह है कि इन राज्यों के साथ समन्वय बेहद अहम हो गया है. 17 सितंबर को डीजीपी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में तीनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में तय किया गया कि सीमा पार होने वाली हर अवैध गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जाएगी. साथ ही सूचनाओं के आदान-प्रदान की गति बढ़ाई जाएगी.
हर चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. सुरक्षाकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस रहेंगे. साथ ही मोबाइल पेट्रोलिंग भी लगातार जारी रहेगी. इससे न सिर्फ पारदर्शिता बनी रहेगी बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी.
QR कोड के जरिए शराब तस्करी पर पैनी नजर
बिहार में शराब बंदी लागू है और चुनाव के दौरान शराब की अवैध सप्लाई हमेशा से बड़ी चुनौती रही है. इस बार प्रशासन ने खास रणनीति बनाई है. पकड़े गए शराब पर QR कोड के जरिए उसके स्रोत की जांच होगी. इससे माफिया के नेटवर्क को पकड़ने में मदद मिलेगी. QR कोड से यह जानकारी मिलेगी कि शराब किस रिटेलर या होलसेलर से जुड़ी है.
चुनाव में जनता की सबसे बड़ी चिंता होती है सुरक्षा और स्वतंत्र माहौल. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता यही होगी कि लोग बिना किसी डर और दबाव के मतदान कर सकें. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए जाएंगे. साथ ही, हर चेकपोस्ट पर पर्याप्त फोर्स मौजूद रहेगी.
बिहार प्रशासन ने इस परीक्षा को गंभीरता से लेते हुए सीमावर्ती जिलों को किले में बदल दिया है. 393 चेकपोस्ट, सैकड़ों सुरक्षाकर्मी और आधुनिक तकनीक के सहारे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न हो.
Also Read: Bihar News: सड़क, रोजगार और आत्मनिर्भर महिलाएं—गांव में दिखा नीतीश मॉडल का असर
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




