Bihar News: खत्म हुआ दफ्तर का चक्कर, अब ऑनलाइन भी बनेगा राशन कार्ड, जाने पूरी प्रक्रिया

The office visits are over, now ration cards will be made online too.
Bihar News: क्या आपने भी कभी राशन कार्ड बनवाने या उसमें नाम जोड़ने-हटाने के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर घंटों इंतजार किया है? अगर हां, तो अब राहत की खबर है. बिहार सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बना दिया है.
Bihar News: बिहार सरकार ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राशन कार्ड बनाने और उसमें सुधार की प्रक्रिया को ऑनलाइन और कैम्प आधारित कर दिया है. अब राशन कार्ड बनाने के लिए न तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाएंगे और न ही दलालों के चंगुल में फंसेंगे.
23 सितंबर से 10 अक्टूबर तक जिले भर में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही आवेदन लिया जाएगा और उसी दिन पोर्टल पर दर्ज कर रसीद दे दी जाएगी. साथ ही, लोग चाहें तो घर बैठे भी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए नया राशन कार्ड बनवा सकते हैं या पुराने कार्ड में सुधार करा सकते हैं.
अब नहीं लगेंगे दफ्तरों के चक्कर
राशन कार्ड गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जीवनरेखा है. पहले इसके लिए महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और भाग-दौड़ करना पड़ता था,लेकिन अब स्थिति बदल रही है. बिहार सरकार ने तय किया है कि 23 सितंबर से 10 अक्टूबर तक जिले के पंचायत सरकार भवनों में विशेष कैम्प लगाए जाएंगे.
यहां नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे और पुराने में नाम जोड़ने या हटाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी डॉ. राज कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रत्येक कैम्प में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौजूद रहेगी, जो लैपटॉप और कंप्यूटर के जरिए आवेदन दर्ज करेगी. खास बात यह है कि उसी दिन पोर्टल पर डाटा अपलोड कर आवेदक को रसीद भी दे दी जाएगी.
घर बैठे भी मिलेगा राशन कार्ड
डिजिटल युग की ओर कदम बढ़ाते हुए सरकार ने यह भी सुविधा दी है कि लोग घर बैठे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकें. इसके लिए बस reonline.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाकर नया यूजर साइन अप करना होगा और मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी वेरिफिकेशन करना होगा.
इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरनी होगी और जरूरी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करने होंगे. आवेदन पूरा होने के बाद तुरंत मोबाइल पर एसएमएस के जरिए आवेदन की स्थिति और विवरण मिल जाता है.
हर गांव के पंचायत भवन मेंपंचायत भवन और इसी तरह जिले के अन्य पंचायत भवनों में भी कैम्प लगाए जा रहे हैं. अब गांव का कोई भी व्यक्ति अपने पंचायत भवन तक जाकर आसानी से राशन कार्ड से जुड़ी सुविधा ले सकता है.

क्यों है यह योजना खास
यह योजना सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि आम लोगों के अधिकार की रक्षा है. राशन कार्ड से जुड़ी योजनाएं जैसे कि खाद्यान्न वितरण, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं सीधे तौर पर गरीब परिवारों को प्रभावित करती हैं.
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रक्रिया आसान हो, भ्रष्टाचार कम हो और हर जरूरतमंद तक उसका हक पहुंच सके.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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