Bihar News: बिहार के डीजीपी विनय कुमार अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त नजर आ रहे हैं. इस बीच उन्होंने साफ चेतावनी दे दी है कि अपराधियों को गोली का जवाब गोली से ही दिया जायेगा. कानून से टकराने वालों के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं होगी. उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है और ऐसी ही स्थिति पटना के फुलवारीशरीफ में बनी, जहां पुलिस की फायरिंग में एक अपराधी घायल हुआ.
‘अपराधी गोली चलायेंगे, तो पुलिस भी जवाब देगी’
विनय कुमार ने साफ कहा कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है और अगर अपराधी गोली चलायेंगे तो पुलिस भी जवाब देगी. विनय कुमार ने राज्य में अपराध के ग्राफ को लेकर दावा किया कि पटना में अलग-अलग कैटेगरी के अपराधों में करीब 25 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गयी है, जबकि पूरे बिहार में भी क्राइम घटने की प्रवृत्ति दिख रही है.
शिकायतों के लिये हेल्पलाइन नंबर जारी
इसके साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने नागरिक शिकायतों के समाधान के लिए सीधे डीजीपी कंट्रोल रूम को सेंटर में रखने का निर्णय लिया है. अब लोग अपनी समस्या, शिकायत या सुझाव हेल्पलाइन नंबर 9031829339 और 9031829340 पर दर्ज करा सकेंगे. पुलिस मुख्यालय कॉल करने वालों को शिकायत के समाधान तक सिस्टमेटिक फॉलोअप भी देगा. इस व्यवस्था का मकसद शिकायतकर्ता को दफ्तरों के चक्कर से मुक्त करना बताया गया है.
हेल्पलाइन नंबर मिलने से इन्हें होगा फायदा
जानकारी के मुताबिक, कंट्रोल रूम में दर्ज हर शिकायत की मॉनीटरिंग टॉप लेवल पर होगी और संबंधित जिले और थाने को तत्काल कार्रवाई के लिए अलर्ट भेजा जायेगा. देरी होने पर जिम्मेदारी तय होगी. डीजीपी विनय कुमार पहले से जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते आ रहे हैं. नयी व्यवस्था उन लोगों के लिए विकल्प है जो व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंच पाते. 9031829340 पर शुक्रवार से सुनवाई शुरू हो गयी. 9031829339 नंबर भी आज शनिवार से चालू हो जायेगा.
युवाओं को लेकर डीजीपी ने क्या कहा?
डीजीपी विनय कुमार ने युवाओं के बीच बढ़ते ड्रग्स और साइबर अपराध पर गंभीर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि कुछ युवा नशे के कारोबार और ऑनलाइन फ्रॉड में उलझते जा रहे हैं, जो समाज के लिए बड़ा खतरा है. पुलिस ने इस पर विशेष अभियान चलाया है और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की गयी हैं. नक्सल गतिविधियों पर उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नक्सलवाद की ताकत लगातार कमजोर हुई है. मुंगेर में तीन बड़े नक्सलियों ने पुलिस की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया, जबकि बेगूसराय में एक नक्सली कार्रवाई के दौरान मारा गया.

