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Bihar News: बिहार में रेरा अधिनियम का पालन अनिवार्य,नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Updated at : 05 Sep 2025 10:28 AM (IST)
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बिहार में रेरा अधिनियम का पालन अनिवार्य

बिहार में रेरा अधिनियम का पालन अनिवार्य

Bihar News: बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही खरीदारों की सुरक्षा और समय पर प्रोजेक्ट पूरे होने की चुनौती भी सामने है. रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) ने साफ कर दिया है कि अब नियमों की अनदेखी नहीं चलेगी.

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Bihar News: रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने गुरुवार को एक कार्यशाला में स्पष्ट कहा कि राज्य में रेरा अधिनियम का पालन हर हाल में अनिवार्य है. नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रमोटरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट का रेरा निबंधन न सिर्फ खरीदारों को भरोसा देता है, बल्कि प्रमोटरों की साख और उनके फ्लैट-प्लॉट के उचित मूल्य को भी सुनिश्चित करता है.

क्या है रेरा निबंधन ?

रेरा निबंधन किसी भी परियोजना की विश्वसनीयता की गारंटी है. यह खरीदारों को पारदर्शिता और सुरक्षा का भरोसा देता है और प्रमोटरों को भी अपने प्रोजेक्ट की मार्केट वैल्यू बढ़ाने में मदद करता है. बिना निबंधन के प्रोजेक्ट बेचे जाने की घटनाएं हाल ही में सामने आती रहती है और जिनपर नियमों के अनुसार कार्रवाई होती है.

प्रोजेक्ट निबंधन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एक नई व्यवस्था जल्द लागू की जा रही है. इसके तहत प्रमोटर खुद जांच सकेंगे कि निबंधन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज उन्होंने जमा किए हैं या नहीं. इस व्यवस्था से निबंधन प्रक्रिया का समय भी काफी घट जाएगा और लंबित मामलों का समाधान तेजी से होगा.

नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

रेरा अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने साफ कहा कि अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए जहां प्रमोटरों ने बिना रेरा निबंधन के ही प्लॉट्स की बिक्री की. इन मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है. उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी अगर कोई प्रमोटर ऐसा करता है तो उसे कानूनी कार्रवाई झेलनी होगी.

111 परियोजनाओं का रिपोर्ट कार्ड एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत करने हुए रेराअध्यक्ष ने कहा अभी 57 प्रोजेक्ट तय समय पर चल रहे हैं. 30 प्रोजेक्ट की गति धीमी है. 24 प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनके समय पर पूरा होने की संभावना कम लग रही है.

रेरा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अगर किसी कारण से प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाता और प्रमोटर को निबंधन अवधि बढ़ानी है, तो उसके पास सक्षम प्राधिकरण से अनुमोदित नक्शा होना चाहिए. बिना वैध नक्शे के अवधि विस्तार की अनुमति नहीं दी जाएगी.

डायनामिक QPR व्यवस्था से पारदर्शिता

रेरा बिहार ने हाल ही में डायनामिक क्वार्टरली प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) व्यवस्था लागू की है. इसके तहत बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट की प्रगति की विस्तृत जानकारी एकरूपता से देनी होगी. विवेक कुमार सिंह ने कहा कि यह व्यवस्था बिल्डरों और खरीदारों दोनों के हित में है, क्योंकि इससे हर किसी को प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी.

रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने प्रमोटरों को याद दिलाया कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने से सिर्फ खरीदारों का ही भला नहीं होता, बल्कि प्रमोटरों की साख भी बढ़ती है. उन्होंने कहा कि कोशिश यही होनी चाहिए कि अवधी विस्तार की नौबत ही न आए.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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