8.8 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Bihar Fish Farming: बिहार में तेजी से बढ़ रहा मछली पालन का दायरा, पिछले 10 सालों में डबल हुआ उत्पादन

Bihar Fish Farming: बिहार में मछली पालन का दायरा बढ़ता जा रहा है. पिछले 10 सालों में मछली उत्पादन में दोगुना बढ़ोतरी हुई है. खासकर ग्रामीण इलाकों में मछली पालन अहम हिस्सा बन गया है. इस बदलाव को लेकर सरकार की तरफ से मछुआरों के लिए लाई गई योजनाओं को बेहद खास माना जा रहा है.

Bihar Fish Farming: बिहार में मछली उत्पादन पिछले 10 सालों में दो गुना बढ़ गया है. राज्य में मछली पालन का दायरा बढ़ने से किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को रोजगार मिल रहा. बीते 10 सालों के कृषि एवं मत्स्य संबंधी आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो, वर्ष 2014-15 में जहां राज्य में कुल मछली उत्पादन 4.80 लाख टन था, वह 2023-24 में बढ़कर 8.73 लाख टन तक पहुंच गया.

पिछले 10 सालों के आंकड़े

दरअसल, यह बढ़ोतरी न केवल उत्पादन क्षमता के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में मत्स्य पालन की बढ़ती भूमिका को भी दिखाती है. साल 2015-16 में बिहार का मछली उत्पादन 5.07 लाख टन रहा, जबकि 2016-17 में यह मामूली गिरावट के बाद 5.00 लाख टन पर सिमट गया. इसके बाद राज्य ने फिर रफ्तार पकड़ी और 2017-18 में उत्पादन बढ़कर 5.88 लाख टन हो गया.

साल 2018-19 में यह आंकड़ा 6.02 लाख टन और 2019-20 में 6.41 लाख टन तक पहुंचा. लगातार सुधार के चलते 2020-21 में उत्पादन 6.83 लाख टन, 2021-22 में 7.62 लाख टन और 2022-23 में 8.46 लाख टन दर्ज किया गया. आखिरकार 2023-24 में यह 8.73 लाख टन के स्तर पर पहुंच गया, जो राज्य के लिए अब तक का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.

इन सभी कारणों से बढ़ा बिहार में मछली पालन

बिहार में मछली उत्पादन में बढ़ोतरी की कई वजहें मानी जा रही है. इनमें मछली पालकों को दी गई प्रोत्साहन योजनाएं, तालाब और जलाशयों का वैज्ञानिक उपयोग, बीज और चारा की उपलब्धता और मत्स्य पालन को लघु उद्यम के रूप में बढ़ावा दिए जाने की नीतियां शामिल हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन आज आजीविका का सबसे मजबूत माध्यम बन चुका है. इससे बड़ी संख्या में किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को रोजगार मिल रहा है.

इन परियोजनाओं ने भी निभाई मुख्य भूमिका

बिहार के गंगा, सोन, गंडक, कोसी और कई छोटे-बड़े जल स्रोतों ने प्राकृतिक संभावनाएं उपलब्ध कराईं, जिनका व्यवस्थित उपयोग राज्य की मत्स्य उत्पादन यात्रा में निर्णायक साबित हुआ है. राज्य में निजी तालाबों, सरकारी जलाशयों और सामुदायिक मत्स्य परियोजनाओं के विस्तार ने भी उत्पादन बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है.

Also Read: Bihar Road Project: महुली से पुनपुन की दूरी हुई कम, फोरलेन रोड के बनने से इन 4 जिलों का सफर हुआ आसान

Preeti Dayal
Preeti Dayal
डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel