बिहार में जमीन मालिकों को खास गिफ्ट, समय सीमा के अंदर ही होंगे काम, नहीं तो अफसरों पर गिरेगी गाज

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है. जमीन की मापी, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस से जुड़े काम अब तय समय सीमा के अंदर ही पूरे किए जायेंगे. इसके साथ ही ऐसा नहीं होने पर सीधे अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी.

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Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी है. राज्य सरकार की तरफ से उनके लिए खास फैसला लिया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से ई-नापी, दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस जैसी सुविधाओं के लिए समय सीमा तय कर दिया है. अब तय समय के अंदर ही काम निपटा दिए जायेंगे, जिससे जमीन मालिकों को राहत मिल सकेगी. साथ ही बिचौलियों और ऑफिस के चक्कर लगाने की झंझट से छुटकारा मिल सकेगा.

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अधिकारियों को सख्त आदेश जारी

बिहार सरकार की तरफ से इसे लेकर सख्त आदेश जारी कर दिया गया है. कहा गया है कि बिना किसी वजह के अधिकारी फाइलों को दबा कर रखेंगे, तो यह उन्हें भारी पड़ सकता है. बिहार में जमीन सर्वे का काम अगले साल यानी 2027 तक पूरा कर लेने का आदेश दिया गया था. साथ ही ई-नापी से जुड़े जितने भी मामले बचे हैं, उन्हें जल्द ही निपटा लेने का भी आदेश दिया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य जमीन विवादों को कम करना बताया गया.

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने क्या कहा?

उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में जमीन विवाद का प्रमुख कारण फर्जी डॉक्यूमेंट है. इस तरह के मामलों पर कार्रवाई की जा रही और 7 साल के लिए जेल की सजा का भी प्रावधान है. जानकारी के मुताबिक, पिछले 2 महीने में ऑनलाइन दाखिल-खारिज का निपटारा 84 प्रतिशत हुआ, जो कि पहले 75 प्रतिशत था. इसके साथ ही लंबित मामले घटकर 16 प्रतिशत रह गए और परिमार्जन प्लस का निष्पादन 75 प्रतिशत तक हो गया.

जमीन के मामलों से जुड़ी जरूरी बातें

बिहार में जमीन मापी के लिए समय सीमा की बात करें तो, बिना विवाद वाले जमीन की मापी 7 दिन और विवाद वाले जमीन की मापी के लिए 11 दिन तय किया गया है. दाखिल-खारिज की बात करें तो, विभाग की तरफ से बिना विवाद वाले दाखिल-खारिज के लिए 14 दिनों की समय सीमा तय की गई है. जमीन सर्वे का काम 2027 तक पूरा कर लेने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है.

इसके अलावा परिमार्जन प्लस के लिए सामान्य गलती में 15 दिन और बड़े मामलों के लिए 75 दिनों की समय सीमा तय की गई है. खास बात यह भी है कि मार्च महीने से भूमि जनसंवाद कार्यक्रम अब हर जिले में होगा, जिससे जमीन मालिकों को खास सहूलियत मिल सकेगी.

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