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Bihar Bhumi: जमाबंदी की गलती अब 15–75 दिन में होगी ठीक, राजस्व विभाग के सख्त नए नियम लागू

Updated at : 15 Dec 2025 9:44 AM (IST)
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Bihar Bhumi: जमाबंदी की गलती अब 15–75 दिन में होगी ठीक, राजस्व विभाग के सख्त नए नियम लागू

Bihar Bhumi-Jamabandi errors will now be rectified within 15-75 days.

Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन से जुड़ी त्रुटियों के सुधार और लंबित मामलों के समाधान के लिए कड़ी समय-सीमा तय कर दी है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus) पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के समाधान में अब किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों और रैयतों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमाबंदी से जुड़ी त्रुटियों के सुधार को लेकर सख्त समय-सीमा तय कर दी है.

अब लिपिकीय गलती हो या छूटी हुई जमाबंदी, हर मामले का समाधान 15 से 75 कार्य दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा. विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं.

परिमार्जन प्लस पोर्टल पर तय हुई समय-सीमा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा संचालित परिमार्जन प्लस पोर्टल के माध्यम से अब जमाबंदी सुधार की पूरी प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी की जाएगी. विभाग के अनुसार लिपिकीय, टाइपिंग भूल या लोप से जुड़ी त्रुटियों का सुधार 15 कार्य दिवस में किया जाएगा. वहीं अन्य जमाबंदी संबंधी गलतियों को ठीक करने के लिए अधिकतम 35 कार्य दिवस का समय निर्धारित किया गया है.

जो जमाबंदी अब तक ऑनलाइन नहीं हो सकी है, उसे परिमार्जन प्लस पोर्टल पर अपलोड करने का काम 75 कार्य दिवस में पूरा करना होगा. इसी तरह जिन मामलों में भू-मापी की आवश्यकता होगी, उनका समाधान भी 75 कार्य दिवस के भीतर करना अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी.

लौटाए गए मामलों में यह नियम रहेगा लागू

विभाग ने यह भी साफ किया है कि यदि किसी आवेदन को तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से लौटाया जाता है, तो उस दौरान आवेदक के लॉगिन में लंबित अवधि को कार्य दिवस की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा. इससे आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से नुकसान नहीं होगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि कई जिलों में परिमार्जन प्लस पोर्टल पर आए आवेदनों के समाधान में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी. इसी को देखते हुए विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तय समय-सीमा में आवेदनों का निपटारा सुनिश्चित करें. जो अधिकारी या कर्मी इसमें शिथिलता बरतेंगे, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी.

4.50 करोड़ जमाबंदी हो चुकी है ऑनलाइन

विभाग के मुताबिक अब तक राज्य में करीब 4.50 करोड़ जमाबंदियों को ऑनलाइन किया जा चुका है. हालांकि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में रैयत के नाम, पिता का नाम, खाता, खेसरा, रकबा और लगान से जुड़ी कई त्रुटियां सामने आई हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल को और प्रभावी बनाया जा रहा है.

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि तय समय-सीमा के बाद किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विभाग का उद्देश्य रैयतों और जमीन मालिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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