कृष्ण कुमार,पटना
Agriculture News बिहार में अगले दो साल में करीब ढाई लाख हेक्टेयर इलाके में सिंचाई की सुविधा विकसित हो जायेगी. इसके लिए जल संसाधन विभाग की तरफ से कमला बराज, पश्चिमी कोसी नहर सहित उत्तर कोयल योजना पर तेज गति से काम पूरा करने का निर्देश संबंधित अभियंताओं और ठेकेदारों को दिया गया है.
इसके साथ ही योजनाओं को पूरा होने से राज्य की वर्तमान में 37.93 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता से बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर को पार कर जायेगी. राज्य में करीब 53 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है.
सूत्रों के अनुसार मिथिलांचल इलाके में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने और बाढ़ से बचाव के लिए जयनगर में कमला नदी पर पुराने वीयर के निकट अत्याधुनिक बराज का निर्माण कराया जा रहा है. इस बराज का निर्माण पूर्ण होने पर कमला नदी के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए हो सकेगा.
इससे करीब 29,559 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बेहतर हो सकेगी. इससे मधुबनी जिला के जयनगर, लदनियां, बासोपट्टी, हरलाखी, कलुआही, मधवापुर, बाबूबरही और खजौली यानी कुल आठ प्रखंडों के किसानाें को सीधा लाभ होगा.
मधुबनी और दरभंगा जिले के किसानों को लाभ
इसके साथ ही हाल के केंद्रीय बजट में पश्चिमी कोसी नहर परियोजना को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद इसका काम तेजी से पूरा करने की कार्ययोजना पर काम हो रहा है. इससे करीब एक लाख 27 हजार 403 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता वृद्धि होने की संभावना है.
सिंचाई क्षमता बढ़कर तीन लाख 97 हजार 877 हेक्टेयर हो जाएगी. इससे मधुबनी जिले के 20 और दरभंगा जिले के 16 प्रखंडों के किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. साथ ही मुख्य नहर और शाखा नहर के सेवापथ का पक्कीकरण किया जायेगा. इससे लोगों को बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिलेगा साथ ही नहर परियोजना का निरीक्षण करने में सुविधा होगी.
औरंगाबाद और गया जिले में बेहतर होगी सिंचाई सुविधा
औरंगाबाद और गया जिले के लिए महत्वाकांक्षी उत्तर कोयल योजना पर तेजी से काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है. इससे करीब 38,801 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता को फिर से बेहतर करने का लक्ष्य है. साथ ही उत्तर कोयल जलाशय परियोजना की सिंचाई क्षमता 56,720 हेक्टेयर से बढ़कर 95,521 हेक्टेयर हो जायेगी.
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