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आचार्य किशोर कुणाल का निधन, कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल में ली अंतिम सांस

Updated at : 29 Dec 2024 9:09 AM (IST)
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Kishore Kunal

Kishore Kunal

Kishore Kunal: पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल को आज सुबह कार्डियक अरेस्ट हुआ और उन्हें तुरंत महावीर वत्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया. आचार्य किशोर कुणाल महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे.

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Kishore Kunal : पटना. आचार्य किशोर कुणाल का निधन हो गया है. किशोर कुणाल का हृदय गति रुकने से निधन हुआ है. किशोर कुणाल को रविवार की सुबह कार्डियक अरेस्ट हुआ और उन्हें तुरंत महावीर वत्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया. आचार्य किशोर कुणाल महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे. 74 साल के किशोर कुणाल कई संस्थाओं के प्रमुख और न्यासी थे. आईपीएस की सेवा से रिटायर होने के बाद आचार्य किशोर कुणाल सामाजिक कार्यों से जुड़ गए और वर्तमान में वो बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के चर्चित महावीर मन्दिर न्यास के सचिव थे. आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संसकार सोमवार को हाजीपुर के कौनहारा घाट पर संपन्न होगा. आचार्य आचार्य किशोर कुणाल के निधन की खबर पाकर अस्पताल पहुंचे उनके समधि अशोक चौधरी फूट-फूट कर रोने लगे. कई मंत्री और विधायक श्रद्धांजलि देने उनके निवास पर पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली जाने से पूर्व उनके निधन पर शोक संवेदना प्रकट की है.

तिरहुत के भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुआ था जन्म

किशोर कुणाल का जन्म 10 अगस्त 1950 को एक भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनकी स्कूली शिक्षा मुजफ्फरपुर जिले के बरुराज गाँव में हुई. फिर उन्होंने पटना विश्वविद्यालय में इतिहास और संस्कृत का अध्ययन किया. 1970 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. बाद में अपने करियर के मध्य में उन्होंने मास्टर डिग्री के लिए भी अध्ययन किया. जिसे उन्होंने 1983 में प्राप्त किया. उनके शिक्षकों में इतिहासकार आरएस शर्मा और डीएन झा शामिल थे.

1983 में बने थे पटना के एसएसपी

1972 में कुणाल गुजरात कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बन गए. उनकी पहली पोस्टिंग आनंद में पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई. 1978 तक वे अहमदाबाद के पुलिस उपायुक्त बन गए. 1983 में अपने मास्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुणाल को पटना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया. 2001 में कुणाल ने स्वेच्छा से भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया. सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. किशोर कुणाल महावीर मंदिर ट्रस्ट पटना के सचिव भी थे और इससे पहले महावीर आरोग्य संस्थान के सचिव थे. जिसमें वे गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवा में सुधार से जुड़े थे. उन्होंने पटना में ज्ञान निकेतन स्कूल की भी स्थापना की.

उनके सचिवत्व में महावीर मंदिर का हुआ था जीर्णोद्धार

किशोर कुणाल पटना के महावीर मंदिर के सचिव भी थे. उनके सचिवत्व में महावीर मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य 30 अक्टूबर 1983 को शुरू हुआ और इसका उद्घाटन 4 मार्च 1985 को हुआ. महावीर ट्रस्ट ने बाद में महावीर कैंसर संस्थान की स्थापना की. समिति कंकरबाग में महावीर आरोग्य संस्थान नामक एक अन्य अस्पताल भी चलाती है और इसके परिसर में महावीर नेत्रालय की स्थापना की गई है, जो आंखों की समस्याओं से पीड़ित लोगों की जरूरतों को पूरा करता है. मंदिर ने पहले ही चार बड़े अस्पताल स्थापित किए हैं और जरूरतमंद लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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