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Inter Result Scam : बिहार बोर्ड के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा गिरफ्तार

Updated at : 27 Jun 2016 7:27 AM (IST)
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Inter Result Scam : बिहार बोर्ड के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा गिरफ्तार

पटना : इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 टॉपर्स घोटाला मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसइबी) के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा को आज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि विशेष अनुसंधान टीम (एसआइटी) ने बुनियादी साक्ष्य के आधार पर इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 टॉपर्स घोटाला मामले में झा की संलिप्तता […]

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पटना : इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 टॉपर्स घोटाला मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसइबी) के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा को आज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि विशेष अनुसंधान टीम (एसआइटी) ने बुनियादी साक्ष्य के आधार पर इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 टॉपर्स घोटाला मामले में झा की संलिप्तता के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार झा को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अग्रतर कार्रवाई की जा रही है.

मनु महाराज ने बताया कि झा की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में बीएसइबी के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर सिंह, उनकी पत्नी और प्रदेश में सत्तासीन पार्टी जदयू की पूर्व विधायक उषा सिन्हा, वैशाली जिला स्थित विशुन राय कालेज के प्राचार्य बच्चा राय सहित गिरफ्तार कियेगये लोगों की संख्या 20 पहुंच गयी है.

बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 के कला संकाय में टॉपर रही रूबीराय और विज्ञान संकाय में टॉपर रहे सौरव श्रेष्ठ का विषय और विशेष ज्ञान से संबंधित साक्षात्कार एक टीवी चैनल पर प्रसारित किये जाने पर एक बार फिर प्रदेश की स्कूली शिक्षा की किरकिरी हुई थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गत छह जून को शिक्षा विभाग को निर्देश दिया था कि प्राथमिकी दर्ज कराकर पूरे मामले की पुलिस से त्वरित जांच कराई जाए.

इससेपहले बिहार बोर्ड के पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा एसआइटी के सामने भले ही इंटर रिजल्ट घोटाले में हाथ नहीं होने की बात कह रहे थे, पर उनकी संलिप्तता की पुष्टि हो चुकी है. घोटालेवाली फाइलें पहले ही पुलिस के पास आ गयी हैं, जिन पर उनके भी हस्ताक्षर हैं. इससे भी बड़ा सबूत टॉपर घोटाले को लेकर है.
बच्चा राय के स्कूल से छापेमारी में शालिनी रायका जो एडमिट कार्ड मिला था, उस पर भी हरिहर नाथ के हस्ताक्षर व मुहर मिले हैं, जबकि एडमिट कार्ड पर न तो फोटो था और न ही वह पूरी तरह से भरा ही गया था. इन दो सबूतों ने उनकी गरदन को फंसा दिया है.
इनसबूतों के आधार पर माना जा रहा था कि उन्हें जेल भेजाजा सकता है. दरअसल, एसआइटी ने घोटाला उजागर होने के बाद बोर्ड ऑफिस में छापेमारी कर सारे दस्तावेज जब्त कर लिये थे. उनमें उन स्कूल-काॅलेजों की फाइलें भी थीं, जिन्हें मान्यता या अनुदान दिया गया था. इन फाइलों पर पहला हस्ताक्षर पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा के हैं और फिर बोर्ड अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के. अब इसका खुलासा हो चुका है कि मानकों को ताक पर रख कर स्कूलों को मान्यता दी गयी है और कॉलेजों को अनुदान दिलाने के लिए फेल छात्रों को फर्स्ट, सैकेंड, थर्ड डिविजन में पास किया गया है.
पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा के खिलाफ जो प्रमाण मिले हैं, उनसे साफ है कि घोटाले के बारे में उन्हें जानकारी थी. हालांकि, इसके लिए उन्होंने पैसा लिया या लालकेश्वर के दबाव में काम किया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. बीएमपी पांच में शनिवार की रात भर एसआइटी ने उनसे पूछताछ की है. रविवार की सुबह उन्हें कोतवाली थाना लाया गया. कोतवाली में लॉकअप के पास एक चौकी और बिस्तर दिया गया है, जिस पर पूरे दिन वह सोये रहे.
शाम को पांच बजे घर से खाना आया, तो खाया और फिर चौकी पर लेट गये. पूछताछ के दौरान उनका कहना है कि लालकेश्वर और उनके दलाल दबाव बना कर उनसे हस्ताक्षर करा लेते थे. लेकिन, उन्होंने पुलिस स्टेशन में खुद के ऊपर बनाये जा रहे विभागीय दबाव के बारे में शिकायत नहीं की है. इस नाते उनकी संलिप्तता मानी जा रही है.
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