ePaper

विधानसभा चुनाव में कइयों की तीसरी पीढ़ी पास

Updated at : 10 Nov 2015 8:28 AM (IST)
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में कइयों की तीसरी पीढ़ी पास

पटना: इस बार विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दिग्गजों की तीसरी पीढ़ी भी मैदान में ताल ठोक रही थी. इस चुनावी महासंग्राम में कई हस्तियों की पीढ़ियों ने अपने खानदान का नाम राजनीतिक में आगे बढ़ाया, तो कई यह नहीं कर पाये. राजनीतिक जोर-अाजमाइश में कई पास हुए, तो कई फेल. पास-फेल होने वालों में […]

विज्ञापन

पटना: इस बार विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दिग्गजों की तीसरी पीढ़ी भी मैदान में ताल ठोक रही थी. इस चुनावी महासंग्राम में कई हस्तियों की पीढ़ियों ने अपने खानदान का नाम राजनीतिक में आगे बढ़ाया, तो कई यह नहीं कर पाये. राजनीतिक जोर-अाजमाइश में कई पास हुए, तो कई फेल. पास-फेल होने वालों में कुछ दिग्गजों की दूसरी पीढ़ी भी शामिल है.

शेरे बिहार के नाम से मशहुर रामलखन सिंह यादव के पोते जयवर्द्धन यादव पालीगंज विधानसभा से चुनाव जीत कर अपने पिरवार की तीसरी पीढी की राजनीतिक मौजूदगी का अहसास कराया है. वह राजद की टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे. उन्होंने इस बार पूर्व विधायक रामजन्म शर्मा को शिकस्त दी. इसी तरह शेखपुरा के कद्दावर सांसद रहे राजो सिंह के पोते सुदर्शन कुमार ने बरबीघा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर अपनी राजनीतिक पीढ़ी को आगे बढ़ाने में सफल रहे.

जबकि इसी सीट पर उनके विरोध में और पास की एक दूसरी सीट से चुनाव लड़ रहे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के नाती और पोते दोनों राजनीतिक परीक्षा में फेल हो गये. वह अपनी विरासत को आगे नहीं बढ़ा सके. समाजवादी नेता रामानंद तिवारी के पाेते राहुल तिवारी भी विधानसभा पहुंचने में सफल हुए हैं. रामानंद तिवारी सरकार में मंत्री रहे हैं. उनके बेटे शिवानंद तिवारी सरकार में मंत्री और राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. इस बार उनके बेटे राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी को राजद ने अपना उम्मीदवार बनाया है. कुछ नामी चेहरे, जो पास नहीं हो पाये

अर्जित शाश्वत
भागलपुर के भाजपा सांसद अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे भागलपुर विधानसभा से पहली बार किस्मत आजमा रहे थे, लेकिन वह भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे नहीं बढ़ा सके. हालांकि उन्हें टिकट दिये जाने का स्थानीय भाजपा संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध भी किया था. बावजूद इसके भाजपा ने उनका टिकट जारी रखा.
विवेक ठाकुर
भाजपा के कद्दावर नेता सीपी ठाकुर के पुत्र विवेक ठाकुर भी ब्रम्हपुर (भोजपुर) विधान सभा से अपनी विरासत आगे बढ़ाने के लिए ताल ठोक रहे थे, लेकिन वह भी राजनीतिक परीक्षा को पास नहीं कर सके.
जीतेंद्र स्वामी
सीवान के दरौंधा से भूतपूर्व सांसद उमाशंकर सिंह के पुत्र जीतेन्द्र स्वामी नहीं निकाल पाये अपनी यह खानदानी सीट.
प्रिंस राज
लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान के भतीजे प्रिंस राज कल्याणपुर (समस्तीपुर) से चुनाव हार गये. प्रिंस सांसद रामचंद्र पासवान के बेटे हैं.
राजेश कुमार
हम के प्रदेश अध्यक्ष शकुनी चौधरी के बेटे राजेश कुमार खगड़िया विधानसभा से चुनाव हार गये हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन