बिहार को पिछड़ेपन से निकालेगी BJP, रिजल्ट तय करेगा CM का नाम : जेटली

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Oct 2015 3:14 AM

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पटना : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को भाजपा का विजन डॉक्यूमेंट (दृष्टि पत्र) जारी किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सवाल पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह भाजपा का ही होगा और चुनाव परिणाम के बाद राजनैतिक स्थिति को देखकर तय होगा कि वह किस वर्ग का होगा. उन्होंने कहा कि […]

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पटना : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को भाजपा का विजन डॉक्यूमेंट (दृष्टि पत्र) जारी किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सवाल पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह भाजपा का ही होगा और चुनाव परिणाम के बाद राजनैतिक स्थिति को देखकर तय होगा कि वह किस वर्ग का होगा. उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण समर्थक है. उन्होंने विजन डाक्यूमेंट को ‘ चार्टर ऑफ डेवलपमेंट बताया तथा कहा कि यह आर्थिक रूप से पिछड़े बिहार को निकालने का संकल्प पत्र है इसलिए हमने इसे विकास एवं विश्वास का दृष्टि पत्र कहा है.

जेटली ने विस्तार से भाजपा और एनडीए के मिशन, मौजूदा राजनीतिक स्थिति, विशेष पैकेज, आरक्षण, जातिवाद व मुख्यमंत्री जैसे सभी मुद्दों पर खुलकर अपनी बातें रखीं. उन्होंने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का नाम लेने से तो परहेज किया लेकिन निशाना साधने में पीछे नहीं रहे. कांग्रेस पर कहा कि अब शक्तिहीन हो गयी है. जेटली ने अपनी बात 2005 से शुरू की और कहा उस समय बिहार को जंगल राज से निकालने का संकल्प लिया गया.

सरकार चली, भाजपा उसकी जूनियर पार्टनर रही लेकिन जदयू की राजनीति में स्थिरिता नहीं रही. जिसके खिलाफ चुनाव लड़े, फिर उसी के साथ हो लिए. उन्होंने कहा कि विकास के लिए 68 साल कम नहीं होते . इस दौरान कांग्रेस राजद व जदयू ने शासन चलाया. इतने समय में राज्य की तसवीर बदली जा सकती थी. मध्यप्रदेश भी बिहार की तरह बीमारू प्रदेश था लेकिन 15 साल के भाजपा के शासनकाल में वहां की तसवीर बदल गयी. बिहार आज भी विकास के मापदंड में पीछे है. दस साल में कोई बड़ा उद्योग नहीं लगा. बिजली के क्षेत्र में कुछ नहीं हुआ. अभी जो महागंठबंधन बना है उसकी सरकार दिल्ली में पौने 9 साल तक थी उसने कितनी सहायता की.

तीन टांग पर दौड़कर दौड़ जीती नहीं जा सकती

जेटली ने जंगलराज की चर्चा करते हुए कहा कि आज जो चरित्र है वह भी क्लीयर है. जंगल राज के निर्माता निर्देशक वही है सिर्फ अभिनेता बदले हैं इससे चरित्र नहीं बदलेगा. बहस तो इस बात पर होनी चाहिए और तीनों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने 68 साल में क्या किया. कैसे बिहार को पिछड़ेपन से निकालेंगे. इशारे में श्री जेटली ने कहा कि 2005 में शुरू तो हुई थी विकास की राजनीति लेकिन जदयू अलग ही राजनीति का निर्माण कर रहा था.

महागंठबंधन को अवसरवादी गंठबंधन बताते हुए श्री जेटली ने कहा कि राजनैतिक स्थिरिता किसी में नहीं है. बिहार को अराजकता में ये लोग घसीट ले जायेंगे. उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि लोहियावादियों का कांग्रेस के साथ कैसे गंठबंधन हो गया. विचार व राजनैतिक शैली अलग है. यह गंठबंधन अंर्तविरोधी गंठबंधन है और तीन टांग पर दौड़कर दौड़ जीती नहीं जा सकती.

कांग्रेस कमजोर और विकास विरोधी

विजन डाक्यूमेंट की चर्चा करते हुए श्री जेटली ने कहा कि बिहार की ताकत यहां की खेती और मानव शक्ति है. यहां की मानव शक्ति को अवसर पाने के लिए बाहर जाना पड़ता है. इसके चलते मानव संसाधन तो बाहर जाता ही है, आर्थिक संसाधन भी बाहर चला जाता है.

भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने का दावा करते हुए श्री जेटली ने कहा कि बिजली संकट दूर होगा. आधारभूत संरचना का विकास होगा. शिक्षा व स्वास्थ्य की स्थिति सुधरेगी. खेती मजबूत होगी. रोजगार के साधान बढ़ेंगे तथा केंद्र बिहार के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कमजोर है और एक विकास विरोधी. तीसरा विकास के नाम पर वोट मांग रहा है.

नीतीश बताएं, कैसे है री पैकेजिंग

नीतीश कुमार द्वारा विशेष पैकेज को री पैकेजिंग के कथन को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह कैसे री पैकेजिंग है. अगर थोड़ी देर के लिए नीतीश कुमार की बातों को मान भी लिया जाये तो फिर वो बताएं अब तक इस पर कोई काम क्यों नहीं हुआ. केंद्र से क्यों सहयोग नहीं मिला.

जबकि केंद्र में उनके सहयोगी की सरकार थी. मुख्यमंत्री के सवाल पर कहा कि वह भाजपा का होगा. भाजपा की कुछ बड़े नेताओं का यह कहना कि सवर्ण मुख्यमंत्री नहीं होगा इसपर कहा कि चुनाव बाद राजनैतिक स्थिति को देखकर यह तय होगा.अमित शाह को नरभक्षी कहे जाने पर श्री जेटली ने कहा कि वो उनकी तरह शब्दों में प्रतिर्स्पद्धा नहीं कर सकता लेकिन बतौर रेल मंत्री लालू प्रसाद ने गोधरा की घटना को लेकर जो फर्जी जांच रिपोर्ट दी थी उसका सच सामने आ गया है.आरक्षण के मुद्दे पर श्री जेटली ने कहा कि आरक्षण देश की वास्तविकता है.

भाजपा जनसंघ काल से ही आरक्षण के लिए कटिबद्ध है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संघ ने भी अपना दृष्टिकोण रख दिया है. असल में इन लोगों ने विकास की बात छोड़ दी है . महंगाई मुद्दे पर कहा कि दो चीजें दाल व प्याज महंगी है वह भी जल्द कम हो जायेगा. नीतीश कुमार के विजन डाक्यूमेंट पर कहा कि पहले क्यों नहीं उनका विजन सामने आया.

इसके पहले केंद्रीय कृषि मंत्री व चुनाव घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष राधामोहन सिंह ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा कहा कि बिहार के लोगों की उम्मीदों को इसमें शामिल किया गया.

गरीब, किसान, नौजवान, छात्र व सहित सभी वर्ग की चिंता इसमें की गयी है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी. प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने इसे विकास एवं विश्वास का दृष्टिपत्र बताते हुए कहा कि इसमें समग्र बिहार व समग्र समाज के विकास की दृष्टि को रखा गया है.

इस मौके पर केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री तथा बिहार के चुनाव प्रभारी अनंत कुमार,पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, राष्ट्रीय महासचिव व बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुढ़ी, विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव, राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन, पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर, किरण धई , संजय मयुख, योेगेंद्र पासवान, देवेश कुमार सुरेश रुंगटा आदि उपस्थित थे.

विजन डाॅक्यूमेंट की मुख्य बातें

कृषि

– कृषि के लिए हर साल अलग से बजट

– घर में 24 घंटे बिजली जबकि खेती के लिए तीन साल में अलग फीडर से 12 घंटे बिजली

– बाढ़, सूखाग्रस्त, टाल, चौर के लिए विशेष योजना

– नया कृषि विवि व वेटनरी कॉलेज की स्थापना

– दूध उत्पादन पर विशेष जोर

शिक्षा

– पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर को कोचिंग हब के रूप में विकास

– पंचायत में इंटर स्कूल व अनुमंडल में डिग्री कॉलेज

– तीन प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण

– नये मेडिकल कॉलेज, दंत कॉलेज व नर्सिग कॉलेज की स्थापना

जन कल्याण

– मैट्रिक व इंटर पास 5000 लड़कियों को स्कूटी, महादलित टोलो में रंगीन टीवी

– पटना में मैट्रो या मोनो रेल की व्यवस्था

-वरिष्ठ नागरिकों को हेल्थ कार्ड

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