जदयू ने राजद नेताओं को जुबान पर काबू रखने की नसीहत दी

Updated at : 03 Jun 2015 6:28 AM (IST)
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जदयू ने राजद नेताओं को जुबान पर काबू रखने की नसीहत दी

नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेंगे विधानसभा चुनाव पटना: जदयू ने राजद नेताओं को जुबान पर काबू रखने की नसीहत दी है. दिल्ली से पटना पहुंचे जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि जदयू किसी भी हाल में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव में जायेगा. राजद के वरिष्ठ नेता […]

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नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
पटना: जदयू ने राजद नेताओं को जुबान पर काबू रखने की नसीहत दी है. दिल्ली से पटना पहुंचे जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि जदयू किसी भी हाल में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव में जायेगा. राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि किसी भी तरह की बयानबाजी से गंठबंधन को लेकर हो रही बातचीत पर असर पड़ता है. उन्होंने राजद नेताओं से अपने पर संयम रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि बयानबाजी ठीक नहीं है. नेतृत्व को लेकर पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए जदयू अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में जदयू का सोच बिल्कुल साफ है. पार्टी नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ना चाहती है. उन्होंने कहा कि गंठबंधन को लेकर वह अभी भी आशावान हैं.
विरोध करनेवाला भाजपा के पेरोल पर : रजक
पटना. जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और नीतीश सरकार में वरिष्ठ मंत्री श्याम रजक ने कार्यकारी उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह का नाम लिये बिना कहा कि गंठबंधन के विरोध में बयान देने वाले नेता भाजपा के पेरोल पर काम कर रहे हैं. रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा था कि नीतीश को नेता मान कर गंठबंधन के लिए चुनाव में जाना सही कदम नहीं होगा. श्याम रजक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समावेशी विकास के प्रतीक हैं. उन्हें लालू प्रसाद ने पहले से ही मुख्यमंत्री मान लिया है. ऐसे में नीतीश कुमार के नेता पद पर विवाद का कोई सवाल ही नहीं है.
चुनाव बाद हो नेता का चयन : रमई
पटना. जदयू के वरिष्ठ नेता व परिवहन मंत्री रमई राम ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के पद के लिए नेता का चयन होना चाहिए. नेता के चयन से पहले जरूरी है कि सहयोगी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ें.
चुनाव के रिजल्ट आने के बाद नेता का चयन हो. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले नेता का चयन होने पर यह जरूरी नहीं है कि गंठबंधन के दूसरे नेता उसे माने. इससे आपस में तालमेल नहीं होगा.
नेता का चयन नहीं होने पर चुनाव में गंठबंधन के सभी दलों के नेता अपने-अपने तरीके से प्रभाव डालेंगे. फिलहाल नेता के चयन का काम ठंडे बस्ते में डाल देना चाहिए. सांप्रदायिक ताकत को परास्त करने के लिए सेक्युलर दल का आपस में मिलना जरूरी है.
राजद : रघुवंश प्रसाद सिंह बोले गंठबंधन को नेता पद का एलान नहीं करना चाहिए
पटना: राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने एक बार फिर जदयू के लिए परेशानी खड़ा कर दिया. मंगलवार को श्री सिंह ने साफ तौर पर कहा कि गंठबंधन को किसी भी हाल में नेता पद का एलान नहीं करना चाहिए. श्री सिंह ने कहा कि जब भाजपा ने चुनाव के पहले नेता पद के नाम की घोषणा नहीं की तो गंठबंधन को इससे सीख लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पूर्व में भी विधानसभा चुनावों में पार्टियां नेता के नाम को घोषित नहीं करती थी. ऐसे में किसी नेता के नाम का एलान कर चुनाव में जाना आत्मघाती होगा. श्री सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के पद के लिए राजद में नेताओं की कमी नहीं है. यहां ऐसे नेताओं की फौज है. इसके पहले भी श्री सिंह की तरफ से जदयू और नीतीश कुमार के लीडरशिप को लेकर बयान आया है.
भाजपा : राजद-जदयू गंठबंधन पर मोदी बोले दोस्ती होगी, छुरा भी घोंपेंगे
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भले ही मीडिया को लालू प्रसाद – नीतीश कुमार की दोस्ती होने पर संदेह हो, पर यह पक्का है कि इनकी दोस्ती होगी. लेकिन ये एक दूसरे को पीठ में छूरा घोंपेंगे, यह भी पक्का है. इन दोनों के लिए दोस्ती के अलावा कोई विकल्प भी नहीं है. एक, पोलो रोड स्थित अपने आवास पर उन्होंने कहा कि इन दोनों की दोस्ती को जनता देख रही है.
आमतौर पर सत्ता के विरोध में गोलबंदी होती है, लेकिन यहां तो विपक्ष के विरोध में ही गोलबंदी हो रही है. वे विरोधी के डर से ही गंठबंधन कर रहे हैं.
भाजपा के गंठबंधन दलों के बीच विधान परिषद की सीटों पर समझौता नहीं होने संबंधी प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा था न कि ‘ धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय ’. समय पर सब हो जायेगा. हम तो लोकसभा चुनाव मिल कर लड़े हैं और लोगों का क्या हो गया है? बड़े और छोटे भाई का तो फैसला कर लेने दीजिए. शत्रुघ्न सिन्हा के नाखुश रहने संबंधी प्रश्न के जवाब में मोदी ने कहा कि वे राष्ट्रीय नेता हैं, उन पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं होगी.
विरुद्ध ग्राम कचहरी में गुहार लगायी, तो सरपंच जनकधारी सिंह ने मुखिया के फैसले पर रोक लगा दी. कहा कि यह मुखिया के अधिकार क्षेत्र से बाहर आता है. अब दोनों प्रतिनिधियों में ही ठन गयी है. फिलहाल दोनों परिवारों के लोग खौफ में हैं और इसे लेकर पुलिस अधिकारियों के पास सभी ने गुहार लगायी है.
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