चार आदेश, फिर भी मोबाइल से बाहर नहीं आ सकी पुलिस, अब होगी कार्रवाई

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चार आदेश, फिर भी मोबाइल से बाहर नहीं आ सकी पुलिस, अब होगी कार्रवाई

बिहार पुलिस की फील्ड ड्यूटी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल अब सिर्फ एक आदत नहीं, पुलिसिंग की सबसे बड़ी रुकावट बन चुकी है.

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संवाददाता, पटना बिहार पुलिस की फील्ड ड्यूटी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल अब सिर्फ एक आदत नहीं, पुलिसिंग की सबसे बड़ी रुकावट बन चुकी है. बीते छह वर्षों में चार बार आदेश, कई निलंबन और विजुअल निगरानी के बावजूद न तो पुलिसकर्मी सुधरे, न ही व्यवस्था. अब डीजीपी विनय कुमार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर म्यूजिक सुनना, गेम खेलना या इंस्टा रील स्क्रॉल करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. पुलिस मुख्यालय दंडात्मक प्रावधान लागू करने की दिशा में बढ़ चुका है. सोमवार को डायल 112 के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में जब प्रभात खबर ने डीजीपी से यह सवाल पूछा कि बीते वर्षों में कई बार आदेश जारी हुए, लेकिन जमीन पर असर क्यों नहीं दिखा, तो डीजीपी विनय कुमार ने साफ कहा- अब इस बुराई को खत्म करना होगा. जो गश्ती दल या यातायात में तैनात हैं, उन्हें मोबाइल से दूर रहना होगा. मोबाइल पर गाना सुनना या इंस्टाग्राम देखना पुलिसिंग नहीं है. हाल ही में पटना में निरीक्षण के दौरान डीजीपी की नजर एक सिपाही पर पड़ी, जो गश्त के दौरान मोबाइल पर व्यस्त था. उन्होंने उसी वक्त उस पर कार्रवाई का निर्देश दिया, जो संकेत है कि अब कार्रवाई फील्ड से शुरू होगी. हर आदेश के बाद कुछ दिन हलचल रही, फिर सबकुछ पहले जैसा. अब पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है. सूत्रों की मानें तो ड्यूटी पर मोबाइल में बिजी रहने वालों की रिपोर्ट करने और कार्रवाई कराने की जिम्मेदारी टीम लीडर या सीनियर अधिकारी को देकर जवाबदेही तय की जा सकती है. कब – कब आदेश जारी हुआ 2019 में एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने कहा था कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर बात करना या चैटिंग करना अनुशासनहीनता है. इसके बाद 2021 में तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल ने इसे कानून व्यवस्था में बाधा बताते हुए चिंता जतायी थी. 2023 में पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया को लेकर गाइडलाइन जारी की. 2024 में पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा ने तो स्मार्टफोन पर सीधा प्रतिबंध ही लगा दिया. लेकिन किसी आदेश का स्थायी असर नहीं हुआ.

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