पटना : आटा-दाल और तेल के भाव बढ़े

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jan 2020 9:05 AM

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पटना : पिछले तीन माह में किराना सामग्रियों की कीमत में इजाफा हुआ है. रिफाइंड और सरसों तेल में 20 -25 रुपये प्रति लीटर तथा दाल में 30-35 रुपये तक की वृद्धि हुई है. खुले आटे की कीमत में चार से पांच रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है. कारोबारियों की मानें, तो आने वाले […]

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पटना : पिछले तीन माह में किराना सामग्रियों की कीमत में इजाफा हुआ है. रिफाइंड और सरसों तेल में 20 -25 रुपये प्रति लीटर तथा दाल में 30-35 रुपये तक की वृद्धि हुई है. खुले आटे की कीमत में चार से पांच रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है. कारोबारियों की मानें, तो आने वाले दिनों में अनाज के भाव में और बढ़ोतरी हो सकती हैं. इस बीच लाइफबॉय और लक्स साबुन की कीमत में आठ रुपये की कमी आयी है. तीन माह पहले इनकी कीमत 28 रुपये प्रति पीस था, लेकिन आज इनकी कीमत 20 रुपये प्रति पीस है, जो एक रिकॉर्ड है.
आटे की कीमत में भी हुई बढ़ोतरी : वहीं, खुदरा बाजार में खुले आटे की कीमत में चार से पांच रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है. अक्तूबर में आटा की कीमत 26 रुपये प्रति किलो तक थी, जो इस समय 30-32 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. पैकेट बंद आटे की कीमत में 10 से 15 रुपये तक की बढ़ाेतरी हो चुकी है.
किराना दुकानदारों की मानें, तो आटे के भाव में और बढ़ोतरी हो सकती है. पांच किलो आशीर्वाद कंपनी का आटा 185 रुपये तक, फॉरच्यून का 160 रुपये तक में मिल रहा है. वहीं पतंजलि का आटा 175 रुपये बिक रहा है.
तेल और दालों की कीमत इतनी बढ़ी
खुदरा बाजार में सरसों तेल की कीमत 110-135 रुपये प्रति किलो हो गयी है. तीन माह पहले सरसों तेल की कीमत 85-100 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं रिफाइंड तेल की कीमत 105 से 125 रुपये प्रति लीटर हो गयी है.
जबकि नवंबर माह में कीमत 80-95 रुपये प्रति लीटर थी. उड़द दाल की कीमत में 30-35 रुपये प्रति किलो तक इजाफा दर्ज किया गया है. गुरुवार को खुदरा बाजार में उड़द दाल की कीमत 120-125 रुपये प्रति रही. मूंग दाल की कीमत 90-95 रुपये प्रति किलो से बढ़ कर 105-110 रुपये तक हो गयी है. मसूर दाल की कीमत 55-65 रुपये से बढ़ कर 75 रुपये प्रति किलो तक हो गयी है.
अगले माह तक तेल और होगा महंगा
अगले माह तक तेल और रिफाइंड तेल की कीमत 150 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच सकती है. इसका मुख्य कारण पाम आॅयल पर आयात शुल्क बढ़ना है. इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम आॅयल आता है. मलेशिया ने तो आयात पर प्रतिबंध लगा रखा है.
रमेश चंद्र तलरेजा, महासचिव, बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ
दाल की कीमत में दो माह बाद ही राहत मिल सकती है, जब बिहार और मध्य प्रदेश से नयी फसल आनी शुरू हो जायेगी. तीन माह में थोक भाव में दाल की कीमत में ‍Rs 1000 प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है. तेजी का कारण विदेशों से आने वाली दाल का बंद होना है.
नवीन कुमार, महामंत्री, बिहार राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ
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