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बीसीए में पांच व बीबीएम में एक भी नामांकन नहीं, पर रिजल्ट में 37-37 छात्र सफल घोषित

Updated at : 09 Jan 2020 4:18 AM (IST)
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बीसीए में पांच व बीबीएम में एक भी नामांकन नहीं, पर रिजल्ट में 37-37 छात्र सफल घोषित

पटना : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के रामलखन सिंह यादव कॉलेज, बख्तियारपुर में सत्र 2018-21 में बीसीए में सिर्फ पांच छात्रों का नामांकन हुआ था. वहीं, बीबीएम व बीएससी आइटी में एक भी नामांकन नहीं हुआ था. लेकिन, दिसंबर में रिजल्ट जारी हुअा, तो यहां से बीसीए व बीबीएम में 37-37 छात्र सफल हो गये हैं. इससे […]

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पटना : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के रामलखन सिंह यादव कॉलेज, बख्तियारपुर में सत्र 2018-21 में बीसीए में सिर्फ पांच छात्रों का नामांकन हुआ था. वहीं, बीबीएम व बीएससी आइटी में एक भी नामांकन नहीं हुआ था. लेकिन, दिसंबर में रिजल्ट जारी हुअा, तो यहां से बीसीए व बीबीएम में 37-37 छात्र सफल हो गये हैं.

इससे पहले कॉलेज में हुए नामांकन प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने जांच कमेटी का गठन किया था, जिसके संयोजक पीपीयू के प्रतिकुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी को बनाया गया था. सूत्रों के अनुसार प्रो चौधरी ने जांच रिपोर्ट काफी पहले ही कुलपति प्रो गुलाब चंद राम जायसवाल को सौंप दी है. लेकिन, अब तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है.
वहीं, छात्र जदयू के नेता इसे नामांकन घोटाला बता रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इस संबंध में विवि से पूछना चाहिए. वहीं, इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक ने भी गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि वहां के प्राचार्य ने ही पत्र लिख कर कहा था कि कुछ स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है. लेकिन, उन्होंने 2018 के एडमिशन संबंधित कोई जवाब नहीं दिया.
नामांकन घोटाले का छात्र लगा रहे आरोप
छात्र जदयू के प्रदेश महासचिव सह छात्र संघ उपाध्यक्ष कन्हैया कौशिक व अन्य छात्र नेताओं ने कहा कि जब नामांकन ही नहीं होता है, तो रिजल्ट 37 छात्रों का कैसे आ जाता है. इस संबंध में जांच रिपोर्ट को प्रकाश में लाना चाहिए. एडमिशन के एक साल बाद रिजल्ट के दौरान कैसे वहां छात्रों की संख्या 37 हो गयी. यह नामांकन घोटाला है.
प्राचार्य ने कम नामांकन के कारण इन कोर्सों को बंद करने का पीपीयू से किया था अनुरोध
नामांकन के एक साल बाद 24 अगस्त, 2019 को जांच कमेटी को लिखे पत्र में कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार ने कहा था कि बीसीए में नामांकित छात्रों की संख्या पांच है, जबकि बीबीएम व बीएससी आइटी में जीरो है. बीलिस में छात्रों की संख्या 55 व एमलिस में 55 है. मुझे ज्ञात हुआ है कि किसी ने कॉलेज के यूजर आइडी व पासवर्ड का गलत इस्तेमाल किया है.
इसलिए रजिस्ट्रेशन अवैध घोषित कर जल्द कार्रवाई का आदेश देना चाहेंगे. साथ ही बीसीए, बीबीएम और बीएससी आइटी में 1%से कम छात्रों को लेकर व्यावासायिक कोर्स जारी रखना असंभव है. इस पत्र के बारे में पूछने पर प्राचार्य ने कहा कि कोई गलत काम नहीं हुआ है.
रामलखन सिंह यादव कॉलेज, बख्तियारपुर का मामला
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