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पटना : चुनावी साल में सभी पार्टियों ने लगाया बूथ प्रबंधन पर जोर

Updated at : 04 Jan 2020 8:47 AM (IST)
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पटना : चुनावी साल में सभी पार्टियों ने लगाया बूथ प्रबंधन पर जोर

वोटरों के घर दस्तक देंगे पार्टी कार्यकर्ता चुनावी साल में राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने बूथों पर फोकस शुरू कर दिया है. राज्य के 72 हजार मतदान केंद्रों के लिए भाजपा ने जहां पन्ना प्रभारी तक की नियुक्ति की है, वहीं जदयू ने एक कदम आगे बढ़ते हुए इस बार सभी बूथों पर अध्यक्ष […]

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वोटरों के घर दस्तक देंगे पार्टी कार्यकर्ता
चुनावी साल में राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने बूथों पर फोकस शुरू कर दिया है. राज्य के 72 हजार मतदान केंद्रों के लिए भाजपा ने जहां पन्ना प्रभारी तक की नियुक्ति की है, वहीं जदयू ने एक कदम आगे बढ़ते हुए इस बार सभी बूथों पर अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति कर ली है. कांग्रेस की बूथ कमेटी पहले से ही काम कर रही है. राजद का दावा है कि उसका बूथ प्रबंधन इस बार सबसे मजबूत होगा.
जदयू चल रहा आगे, एक लाख 44 हजार बूथ कार्यकर्ता बहाल
बूथ प्रबंधन में जदयू इस बार अन्य दलों से आगे चल रहा है. पार्टी ने सभी 72 हजार बूथों के लिए अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति कर ली है. इस प्रकार एक बूथ पर उसके दो सक्रिय कार्यकर्ता मुस्तैद रहेंगे. पार्टी इसकी संख्या पांच कार्यकर्ताओं तक बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है. इस हिसाब से जदयू के बूथ कैडर की संख्या करीब तीन लाख 60 हजार होती है. बूथ स्तर के सभी कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपलब्धियों से आम लोगों को अवगत कराने की जिम्मेदारी दी गयी है.
बूथ स्तर पर ही अधिक- से-अधिक मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए काम करने को कहा गया है. बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मदद के लिए पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्यस्तरीय नेताओं को पार्टी ने निर्देश दिया है. सभी बूथों को मजबूत करने के लिए जदयू ने 10 जनवरी तक का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के बूथ कार्यकर्ताओं का सम्मेलन किया जा रहा है. अब तक करीब 120 विधानसभा क्षेत्रों का सम्मेलन हो चुका है.
एक बूथ पर 18 बैठकें करेगी भाजपा
बूथ प्रबंधन पर अन्य दलों से भाजपा आगे चल रही है. पार्टी ने अभी तक 52 हजार मतदान केंद्रों पर अपने कार्यकर्ता तैयार कर लिये हैं. पार्टी का लक्ष्य सभी बूथों पर मतदाताओं से सीधा संपर्क साधने की है. इसके लिए पार्टी ने एक बूथ पर चुनाव आने तक कम- से- कम 18 बैठकें करने का निर्णय लिया है. सीएए और एनआरसी व आर्टिकल 370 के बारे में मतदाताओं को जानकारी देने की योजना है. जिलाध्यक्षों को बूथ प्रभारियों से संपर्क बनाये रखने का टास्क दिया गया है.
कांग्रेस ने बनायीं साठ हजार बूथ कमेटियां
विधानसभा में 26 विधायकों की हैसियत वाली कांग्रेस पार्टी ने राज्य के 72 हजार बूथों में से 60 हजार पर बूथ कमेटी का गठन कर लिया है. पार्टी द्वारा पंचायत कमेटी का भी गठन किया जा चुका है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में पार्टी ने 80 प्रतिशत बूथों पर कमेटी गठित कर उसकी सीडी तैयार की है. चुनाव में पार्टी इनका इस्तेमाल करेगी.
बूथ के लिए बाहरी को भी जिम्मेदारी सौंपेगा राजद :
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजद का बूथ लेवल माइक्रो मैंनेजमेंट तैयार किया जा रहा है. इस संदर्भ में राजद ने प्रदेश के सभी बूथों का अध्ययन शुरू किया है. जिन बूथों पर राजद के कैडर नहीं हैं, वहां अपनी पार्टी की विचारधारा के निकट राजनीतिक समझ रखने वाले व्यक्तियों की तलाश कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जायेगी.
पार्टी को बूथ लेवल पर बनाये गये सक्रिय और 25 अन्य कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी है. बूथ मैनेजमेंट पर जोर देते हुए राजद ने सरकारी योजनाओं की रिपोर्ट मतदाताओं तक पहुंचाने की योजना बनायी है.
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