पटना : सरकारी स्टॉक में हैं दवाएं, पर अस्पताल में नहीं

Updated at : 09 Dec 2019 9:12 AM (IST)
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पटना : सरकारी स्टॉक में हैं दवाएं, पर अस्पताल में नहीं

अस्पतालों के लापरवाह रवैये ने बढ़ाया मरीजों के पॉकेट पर बोझ पटना : राज्य में दवाओं के भंडार भरे रहने के बाद भी मरीजों को बिना मुफ्त दवा के सरकारी अस्पतालों से लौटना पड़ रहा है. राज्य सरकार द्वारा राज्य में 215 प्रकार की आवश्यक दवाओं की सूची तैयार की है. सरकारी अस्पतालों के लापरवाह […]

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अस्पतालों के लापरवाह रवैये ने बढ़ाया मरीजों के पॉकेट पर बोझ
पटना : राज्य में दवाओं के भंडार भरे रहने के बाद भी मरीजों को बिना मुफ्त दवा के सरकारी अस्पतालों से लौटना पड़ रहा है. राज्य सरकार द्वारा राज्य में 215 प्रकार की आवश्यक दवाओं की सूची तैयार की है.
सरकारी अस्पतालों के लापरवाह रवैये से गरीब मरीजों को किसी अस्पताल में 15 तो किसी में 30 प्रकार की दवाएं मुफ्त में मिल रही हैं. बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक संजय कुमार सिंह ने बताया कि सूचीबद्ध दवाओं का स्टॉक कम नहीं है. अस्पतालों की मांग पर दवाएं उपलब्ध करा दी जाती हैं. अगर किसी जिले में 10-15 दवाएं स्टॉक में नहीं हैं, तो वह टेस्ट में हो सकती हैं. टेस्ट में सफल होने के बाद उसकी आपूर्ति की जाती है.
मरीज खरीद रहे खुले बाजार से दवाइयां
मुजफ्फरपुर
सदर अस्पताल के ओपीडी में 71 की जगह 25 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं. पीएचसी में 50 की जगह 15 प्रकार की दवाएं ही मिल रही हैं. यहां के जिला औषधि भंडार में 46 प्रकार की दवाएं मौजूद हैं. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र आलोक ने कहा कि सदर अस्पताल के ड्रग स्टोर की लापरवाही से ऐसा हो रहा है. मुजफ्फरपुर जिला औषधि भंडार की मानें, तो पीएचसी स्तर पर अधिक दवा एक्सपायर हो रही है.
इस बारे में पीएचसी प्रभारी ने कहा कि मरीज नहीं आये तो दवा रखी रह गयी. इधर, 25 नवंबर को औराई पीएचसी में 2011 की एक्सपायरी दवा मिली.
सहरसा
सदर अस्पताल के ओपीडी में 71 प्रकार की जगह 36 प्रकार की, आइपीडी में 96 प्रकार की जगह 45 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध थीं.
कटिहार
सदर अस्पताल में आउटडोर में 71 किस्म की दवाओं में 44, जबकि भर्ती मरीज को 96 दवाओं में से 78 दवाएं मिल रही हैं.
यहां कंजुमेवल में 35 किस्म में 25 किस्म की दवाएं मरीजों को मिल रही हैं.
गया
जयप्रकाश नारायण अस्पताल के ओपीडी में 55 प्रकार की, आइपीडी में 56 प्रकार की, जबकि कंजुमेवल में 29 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं.
कटिहार
सदर प्रखंड कैंपस में अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मात्र 30 किस्म की ही दवाएं ही मरीज को मुहैया करायी जा रही हैं.
पूर्णिया
सदर अस्पताल में ओपीडी में 71 व आइपीडी में 96, अनुमंडलीय अस्पताल में ओपीडी में 58 व आइपीडी में 65, सीएचसी में ओपीडी में 55 व आइपीडी में 59, रेफरल अस्पताल में ओपीडी में 55 व आइपीडी में 59, पीएचसी में ओपीडी में 50 व आइपीडी में 34 और एपीएचसी में ओपीडी में 50 व आइपीडी में 34 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं.
इतनी प्रकार की मुफ्त दवाएं
राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा तैयार आवश्यक दवाओं की सूची में मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में 76, भर्ती मरीजों के लिए 113 और ऑपरेशन थिएटर के लिए 36 प्रकार की दवाएं मुफ्त उपलब्ध करानी हैं. जिला अस्पतालों के ओपीडी में 71, भर्ती मरीजों के लिए 96, अनुमंडलीय अस्पताल के ओपीडी में 58 व भर्ती मरीजों के लिए 65 प्रकार की मुफ्त दवाएं दी जानी हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में 55, भर्ती मरीजों के लिए 59 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में 50 व भर्ती मरीजों के लिए 34 प्रकार की दवाएं मुफ्त दी जानी हैं.
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