बॉडीगार्ड नियुक्त करने के मामले में होगी जांच
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Sep 2019 3:10 AM (IST)
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पटना : राज्य सरकार के 5-7 हजार जवानों को सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनाती के मामले की समीक्षा होगी. सरकार सभी वीवीआइपी, वीआइपी से लेकर बॉडीगार्ड लेकर घूमने वाले सभी स्तर के लोगों की सुरक्षा ऑडिट करा रही है. जिन वीवीआइपी के पास जेड प्लस, जेड या इस तरह की अन्य सुरक्षा श्रेणी है […]
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पटना : राज्य सरकार के 5-7 हजार जवानों को सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनाती के मामले की समीक्षा होगी. सरकार सभी वीवीआइपी, वीआइपी से लेकर बॉडीगार्ड लेकर घूमने वाले सभी स्तर के लोगों की सुरक्षा ऑडिट करा रही है. जिन वीवीआइपी के पास जेड प्लस, जेड या इस तरह की अन्य सुरक्षा श्रेणी है और उन्हें केंद्र के स्तर से इसे मुहैया कराया गया है, उन्हें फिलहाल छोड़ दिया गया है.
जिन्हें इस तरह की किसी श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार के स्तर से मुहैया करायी गयी है, उनकी पड़ताल हो रही है. इसके अंतर्गत अंगरक्षक लेकर घूमने वाले निजी लोगों की सुरक्षा जरूरतों का खासतौर से आकलन कराया जा रहा है.
इस ऑडिट के बाद संबंधित लोगों की सुरक्षा को कम या ज्यादा किया जा सकता है. अगर कुछ लोगों की सुरक्षा गैर-जरूरी पायी गयी, तो इसे हटाया भी जा सकता है. फिलहाल इस ऑडिट रिपोर्ट के आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. प्राप्त सूचना के अनुसार, राज्य में अभी करीब 5-7 हजार सुरक्षाकर्मी बॉडीगार्ड के रूप में अलग-अलग लोगों के पास तैनात हैं.
पुलिस मुख्यालय के स्तर पर बॉडीगार्ड के लिए सभी लोगों की सुरक्षा का कराया जायेगा आकलन ऑडिट होने के बाद संबंधित लोगों की सुरक्षा को कम या ज्यादा किया जा सकता है
जरूरतमंदों को मिलेगी सुविधा
राज्य में कई लोग ऐसे भी हैं, जो सिर्फ स्टेट्स सिंबल के रूप में बॉडीगार्ड रखे हुए हैं. वहीं, दूसरी तरफ कुछ जरूरतमंद या इसके वाजिब हकदार लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है. पुलिस मुख्यालय में करीब 150 आवेदन अंगरक्षक लेने के लिए पड़े हुए हैं, जिनकी समीक्षा चल रही है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आयी है कि राज्य में कई लोगों ने नक्सली इलाकों में सुरक्षा के नाम पर बॉडीगार्ड ले रखा है.
जबकि इन इलाकों में अभी कोई नक्सली गतिविधि नहीं है. कुछ लोगों को जरूरत सिर्फ एक सुरक्षाकर्मी है, लेकिन उनके पास दो या चार बॉडीगार्ड हैं. सुरक्षा ऑडिट के तहत इस तरह की सभी पहलुओं की जांच कर इसका आकलन किया जा रहा है. इसके बाद ही संबंधित व्यक्ति को उचित संख्या में अंगरक्षक मुहैया कराये जायेंगे.
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