गर्दनीबाग अस्पताल का हाल बेहाल, न एक्स-रे, न अल्ट्रासाउंड की सुविधा, चार महीने से बिजली बिल भी बकाया

Updated at : 10 Sep 2019 4:19 AM (IST)
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गर्दनीबाग अस्पताल का हाल बेहाल, न एक्स-रे, न अल्ट्रासाउंड की सुविधा, चार महीने से  बिजली बिल भी  बकाया

पटना : सिविल सर्जन कार्यालय के बगल में स्थित गर्दनीबाग अस्पताल को अभी खुद ही इलाज की आवश्यकता है. यहां न एक्स-रे होता है और न ही अल्ट्रासाउंड. यहां रोज करीब 300 मरीज ओपीडी में आते हैं. यही नहीं गर्भवती माताएं व बहनें भी पहुंचती है, उनको भी ये बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही […]

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पटना : सिविल सर्जन कार्यालय के बगल में स्थित गर्दनीबाग अस्पताल को अभी खुद ही इलाज की आवश्यकता है. यहां न एक्स-रे होता है और न ही अल्ट्रासाउंड. यहां रोज करीब 300 मरीज ओपीडी में आते हैं. यही नहीं गर्भवती माताएं व बहनें भी पहुंचती है, उनको भी ये बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. यहां प्लेट के अभाव में मई से एक्स-रे बंद पड़ा हुआ है और अल्ट्रासाउंड बंद हुए तो करीब तीन वर्ष हो गये हैं.

यहां की साफ सफाई का भी खर्च ठेकेदार को नहीं दिया गया है और बिजली बिल भी चार महीने से नहीं भरा गया है. यानी कभी भी सफाई की व्यवस्था और बिजली की सुविधा यहां बंद हो सकती है. पैथोलॉजिकल जांच की भी सुविधा यहां बंद होने के कगार पर है. क्योंकि, दो महीने का ड्यूज नहीं भरा गया है. सात फार्मासिस्ट के भी पद भी खाली पड़े हुए हैं.
मई से बंद पड़ा है एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड बंद हुए हो गये तीन साल
मरीजों को हो रही परेशानी
जब हमने इस मामले की पड़ताल की तो
पता चला कि गर्दनीबाग के इस अस्पताल
की कोई कैटेगरी तय नहीं होने से
परेशानी हो रही है. इस कारण बार-बार पत्राचार करने पर जिला स्वास्थ्य समिति अस्पताल को अपने उपलब्धता के हिसाब से पैसे देती है. यहां के डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य समिति को लगातार पत्र लिखा जाता है. लेकिन, कोई ध्यान नहीं दिया जाता है. यहां दो एक्स-रे मशीन है. लेकिन, एक ही काम करती है. अब प्लेट के अभाव में वह तीन माह से बंद है. इस कारण तीन माह से यहां आने वाले मरीजों का एक्स-रे नहीं हो पा रहा है.
अस्पताल प्रशासन ने बाकायदा इसकी सूचना चिपका कर रखी है. इस कारण मामूली घायल होने वालों को यहां एक्स-रे जैसी सुविधा मिल ही नहीं पा रही है. हर दिन यहां से मरीज लौट कर प्राइवेट जांच केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं, तो अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण रूटीन चेकअप के लिए आयी गर्भवती माताओं को भी प्राइवेट जांच केंद्रों की ओर जाना पड़ता है.
एक्स-रे मशीन इस कारण बंद है. क्योंकि, प्लेट्स नहीं हैं. यह मशीन बहुत ही पुरानी पड़ चुकी है और इसका प्लेट बहुत मुश्किल से मिलता है. अल्ट्रासाउंड तो तीन सालों से खराब पड़ा हुआ है. सफाई और बिजली बिल भी भरा जाना है. हमने सभी समस्याओं के बाबत जिला स्वास्थ्य समिति को पत्र लिखा है. अभी समिति की ओर से एक लाख मिले हैं. इससे समस्याअों को तत्काल खत्म करेंगे.
डॉ मंजुला रानी, उपाधीक्षक, गर्दनीबाग अस्पताल
1. खराब पड़ीं मशीनें
2. अस्पताल का गेट
3. बंद पड़ा एक्स-रे रूम
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