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पटना : चरित्र प्रमाणपत्र के लिए तीन घंटे लाइन में

Updated at : 29 Aug 2019 9:25 AM (IST)
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पटना : चरित्र प्रमाणपत्र के लिए तीन घंटे लाइन में

विभिन्न पदों पर बहाली के लिए निकला हुआ है आवेदन गांधी मैदान पुलिस लाइन के चरित्र प्रमाणपत्र कार्यालय में छात्रों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना पटना : चरित्र प्रमाणपत्र लेने में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गांधी मैदान पुलिस लाइन में चरित्र प्रमाण पत्र कार्यालय का आलम यह […]

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विभिन्न पदों पर बहाली के लिए निकला हुआ है आवेदन
गांधी मैदान पुलिस लाइन के चरित्र प्रमाणपत्र कार्यालय में छात्रों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
पटना : चरित्र प्रमाणपत्र लेने में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गांधी मैदान पुलिस लाइन में चरित्र प्रमाण पत्र कार्यालय का आलम यह है कि पहले आवेदन के लिए लंबी लाइन लगनी पड़ती है और जब आवेदन जमा हो जाता है तो आधे घंटे के बाद रिसीविंग मिलती है. इसके बाद जब चरित्र प्रमाण पत्र लेने के लिए कम से कम तीन घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. इस कार्यालय में चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पूरे पटना जिला से छात्र आते हैं.
कभी-कभी ताे अत्यधिक भीड़ देख कर कई छात्र वापस भी लौट जाते हैं.आवेदन लेने और प्रमाणपत्र देने के लिए मात्र एक- एक काउंटर ही है. एक काउंटर रहने के कारण लंबी लाइन में लगना मजबूरी है.
आवेदन लेने का समय साढ़े दस से दो बजे तक है और चरित्र प्रमाण पत्र लेने का समय तीन से पांच निर्धारित किया गया है. छात्र प्रमाण पत्र लेने के लिए 12 बजे दिन में ही वहां पहुंच जाते हैं और दो बजे से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है. छात्र मौजूदा व्यवस्था से काफी परेशान हैं.
दानापुर. चरित्र प्रमाणपत्र बनाने के लिए बुधवार को आरटीपीएस काउंटर पर आम दिनों के तरह कतार लगी हुई थी. काउंटर पर मात्र पांच-छह लोग ही कतार में लगे हुए थे. अनुमंडल कार्यालय में भी काउंटर पर कतार लगी हुई थी.
वहीं, थाना में भी दो-तीन लोग चरित्र प्रमाणपत्र बनाने के लिए आये हुए थे. सीओ महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि यहां से चरित्र प्रमाणपत्र के आवेदन को सत्यापन के लिए थाना भेज दिया जाता है. वहां से आवेदन सत्यापित करने के बाद एसएसपी कार्यालय भेज दिया जाता है. चरित्र प्रमाणपत्र बनाने के लिए अभ्यर्थियों को कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ रही है.
नहीं रहती है भीड़
दुल्हिनबाजार : अंचलाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि चरित्र प्रमाणपत्र पटना एसएसपी कार्यालय से निर्गत किया जा रहा है. इसका जांच प्रतिवेदन थाने के द्वारा कार्यालय को सौंपा जा रहा है. किन्हीं विशेष कार्यों में अंचल कार्यालय द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है.
इस वजह से कुछ ही लोग ही अंचल कार्यालय चरित्र प्रमाणपत्र के लिए आते हैं. इसके कारण यहां आरटीपीएस काउंटर पर भीड़ नहीं होती है. प्रखंड के मुखिया व सरपंच के द्वारा भी उनके लेटर पेड पर चरित्र प्रमाणपत्र बनाया जाता है, जबकि किसी भी पंचायत में इसके लिए अभी कार्यालय नहीं है. सरकार की ओर से पंचायतों में कार्यालय बनाने की घोषणा हो चुकी है.
पुलिस के अधिकार का क्षेत्र
मसौढ़ी. चरित्र प्रमाणपत्र मुख्यतः पुलिस के अधिकार क्षेत्र का है .चरित्र प्रमाणपत्र के लिए ऑफलाइन या ऑनलाइन वरीय पुलिस अधीक्षक के यहां अप्लाइ की जाती है .वहां से उन अभ्यर्थियों को संबंधित थाना मे सत्यापन के लिये भेज दिया जाता है.
स्थानीय थाना के द्वारा सत्यापन के बाद उक्त आवेदन को पुनः वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय को भेज दिया जाता है. इधर, किसी सरकारी सेवा के लिए भी चरित्र प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है, जिसे किसी राजपत्रित पदाधिकारी से कराना होता है. चरित्र प्रमाणपत्र के लिए अभी यहां किसी प्रकार की कोई आपाधापी नहीं है.
चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर आवेदन जमा करने के लिए 24 अगस्त को आये थे. लेकिन इतनी भीड़ थी कि वापस लौट गये. इसके बाद बुधवार को फिर से पहुंचे तो उस दिन की अपेक्षा कम लोग थे और आवेदन जमा कर दिया.
सिकंदर,पालीगंज
चरित्र प्रमाण पत्र हर छह माह पर बनवाना पड़ता है. कई बार इस संबंध में आ चुके हैं और काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. प्रमाणपत्र बनवाने को मशक्कत करनी पड़ती है.
राहुल कुमार, नंदलाल छपरा
चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया है. लेकिन उसी समय रिसीविंग नहीं दी गयी. रुकने को बोला गया है. अब कितनी देर में मिलेगी, यह कहना संभव नहीं है.
भावना कुमारी, पटना विश्वविद्यालय
चरित्र प्रमाण पत्र लेने के लिए आये हुए हैं. कल भी आये थे लेकिन लाइन इतनी लंबी थी कि वापस लौट गये. तीन बजे से प्रमाण पत्र का वितरण होता है इसलिए आज 11 बजे ही कार्यालय में पहुंच गये हैं. ताकि लाइन में पहले लग सकें.
सूरज कुमार, कंडाप, गौरीचक
नौकरी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र मांगा गया है. आवेदन को जमा कर दिया है. कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से जब रिसीविंग मांगी तो आधे घंटे रुकने को बोला गया है.
निभा कुमारी, गौनपुरा, एम्स
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