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नौबतपुर :कपड़ा व्यवसायी से दो लाख की रंगदारी मांगी

Updated at : 25 Jul 2019 9:20 AM (IST)
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नौबतपुर :कपड़ा व्यवसायी से दो लाख की रंगदारी मांगी

नौबतपुर : थाना रोड में आराध्या कपड़े की दुकान के मालिक से बदमाशों ने दो लाख रंगदारी की मांग की है. साथ ही नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है. पीड़ित व्यवसायी सिमरा निवासी राकेश कुमार उर्फ झप्पु ने नौबतपुर थाने में लिखित शिकायत दी है. पीड़ित व्यवसायी ने बताया कि मंगलवार की […]

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नौबतपुर : थाना रोड में आराध्या कपड़े की दुकान के मालिक से बदमाशों ने दो लाख रंगदारी की मांग की है. साथ ही नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है.
पीड़ित व्यवसायी सिमरा निवासी राकेश कुमार उर्फ झप्पु ने नौबतपुर थाने में लिखित शिकायत दी है. पीड़ित व्यवसायी ने बताया कि मंगलवार की रात जब वह नौबतपुर स्थित दुकान बंद कर घर पहुंचा तो मोबाइल फोन आया. इस दौरान बदमाशों ने कहा कि अगर दुकान चलाना है तो दो लाख की रंगदारी में देनी होगी. नहीं देने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा. नौबतपुर थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि उक्त नंबर का सीडीआर खंगाला जा रहा है. जांच के बाद अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
मोबाइल व नकदी चोरी, एक धराया
पटना सिटी. अगमकुआं थाना के गांधी नगर निवासी अवधेश प्रसाद के मकान में किराये पर रहने वाले अभिषेक का मोबाइल चोरी हो गया. पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया कि गर्मी की वजह से दरवाजा बंद किये बगैर सो गया था.
इसी दरम्यान तीन बजे खटपट की आवाज से नींद खुलने पर देखा कि कमरे में एक अनजान युवक खड़ा है. इसके बाद वह शोर मचाते हुए उठा तो युवक भाग गया. खदेड़ने के दरम्यान बाहर में खड़ा एक और युवक भी भागने लगा, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ पुलिस को सौंप दिया गया. छात्र ने पुलिस को बताया कि कमरे से दो मोबाइल व तीन हजार रुपये गायब हैं. पुलिस जांच कर रही है.
वाहन का एक मुश्त शुल्क 15 वर्षों के लिए : संतोष
परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने बताया कि राज्य में गाड़ियों के निबंधन प्रमाणपत्र 15 वर्षों के लिए दिया जाता है. इस अवधि के पूरा होने के बाद पुन: उस वाहन का निबंधन किया जाता है. बिहार मोटर वाहन करारोपण (संशोधन) विधेयक 2019 में वाहन मालिकों की शंकाओं को दूर किया गया है.
संशोधन विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि निबंधन के समय एक मुश्त ली जाने वाली राशि 15 वर्षों के लिए है और इसमें अवधि की गणना वाहन के प्रथम निबंधन की तिथि से की जायेगी. उन्होंने सदन को बताया कि बिहार में राजस्व की प्राप्ति करने वालों विभागों में से एक है. परिवहन विभाग राजस्व की वसूली कर के माध्यम से, शुल्क के माध्यम से, शमन के माध्यम से करता है. राज्य में गाड़ियों के निबंधन प्रमाणपत्र 15 वर्षों के लिए दिया जाता है. इस अवधि के पूरा होने के बाद पुन: निबंधन किया जाता है.
इसी क्रम में प्रथम निबंधन के समय वाहन स्वामियों से एकमुश्त कर लिये जाने का प्रावधान है. लेकिन बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में स्पष्ट अवधि का उल्लेख नहीं रहने के कारण वाहन स्वामियों द्वारा पूछताछ की जाती है कि यह एकमुश्त कर कितने दिनों के लिए होगा. वाहन स्वामियों में अवधि को लेकर एक संशय की स्थिति बनी रहती थी. राज्य सरकार ने इस बात को समझा तथा उन्हें यह संशय की स्थिति से बाहर करने का फैसला किया. एकमुश्त कर का अर्थ 15 वर्षों के लिए लिया जाने वाला कर होगा.
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