पटना : 14 हाजिरी सिस्टम खराब, कौन डॉक्टर कब आ रहा, पता ही नहीं
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jul 2019 6:25 AM
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आनंद तिवारी बायोमीटरिक हाजिरी सिस्टम फेल पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की गैरहाजिरी व लेटलतीफी पर लगाम लगाने के लिए लगाया गया बायोमीटरिक हाजिरी सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है. एमसीआइ के निर्देश पर दो साल पहले लगायी गयीं सभी 14 बायोमीटरिक मशीनें एक-एक कर खराब हो चुकी हैं. ऐसे […]
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आनंद तिवारी
बायोमीटरिक हाजिरी सिस्टम फेल
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की गैरहाजिरी व लेटलतीफी पर लगाम लगाने के लिए लगाया गया बायोमीटरिक हाजिरी सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है. एमसीआइ के निर्देश पर दो साल पहले लगायी गयीं सभी 14 बायोमीटरिक मशीनें एक-एक कर खराब हो चुकी हैं.
ऐसे में डॉक्टर व प्रोफेसर अस्पताल आ रहे हैं या नहीं इसकीजानकारी न तो अस्पताल के प्रिंसिपल को है और न ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को हो पा रही है. नतीजा पीएमसीएच में पढ़ाई से लेकर इलाज तक पर पूरा असर देखने को मिल रहा है. सूत्रों की मानें, तो ड्यूटी से गायब होने वाले कुछ सीनियर डॉक्टर व प्रोफेसरों की मिलीभगत से मशीनें खराब कर दी गयी हैं.
रजिस्टर के हाजिरी में खेल
बायोमीटरिक की जगह अब पीएमसीएच के प्रिंसिपल के आदेश पर डॉक्टरों व प्रोफेसरों को रजिस्टर पर हाजिरी बनाने का आदेश जारी किया गया है. लेकिन रजिस्टर की हाजिरी में बड़ा खेल हो रहा है. सूत्रों की मानें, तो कुछ ऐसे प्रोफेसर हैं, जो खानापूर्ति के लिए कॉलेज आते हैं और तय समय 10:30 का समय लिख देते हैं. रजिस्टर को देखने वाला कोई नहीं है, जबकि प्रिंसिपल का दावा है कि समय-समय में रजिस्टर को प्रिंसिपल कार्यालय में मंगवा कर देखा जायेगा.
90% मरीज जूनियर डॉक्टरों के भरोसे
सीनियर डॉक्टरों के ड्यूटी से गायब होने का नतीजा है कि पीएमसीएच के 90 फीसदी मरीज जूनियर डॉक्टरों के भरोसे हैं. नियमानुसार पीजी डॉक्टरों को सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी में ही वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज करना है. सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी वार्ड में देखने को मिलती है.
वर्तमान में सभी बायोमीटरिक मशीनें खराब हैं. इनको ठीक कराने के लिए एमसीआइ को पत्र लिखा जायेगा. फिलहाल रजिस्टर पर हाजिरी लगाने का नियम लागू किया गया है. समय-समय पर रजिस्टर मंगवा कर हाजिरी देखी भी जाती है. हालांकि मैं देखता हूं कि कौन प्रोफेसर कितना लेट आ रहे हैं और कितनी कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं.
डॉ विद्यापति चौधरी, प्रिंसिपल, पीएमसीएच
लेट पर वेतन काटने का था आदेश
बायोमीटरिक हाजिरी लगाने के बाद एमसीआइ ने नियम लागू किया था. डॉक्टर अस्पताल में एक घंटे तक लेट पहुंचें या एक घंटे पहले निकल जायें, तो उनकी पांच दिनों की छुट्टी काटी जायेगी. बार-बार ऐसा करने पर पांच दिन का वेतन काटेगा. ओपीडी में सुबह नौ बजे से डेढ़ बजे तक और कॉलेज में सुबह 10 बजे से चार बजे तक डॉक्टर व प्रोफेसर की ड्यूटी थी.
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