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पटना : गंगा में पानी बढ़ा तो 50 हजार आबादी को होगी परेशानी

Updated at : 14 Jul 2019 10:12 AM (IST)
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पटना : गंगा में पानी बढ़ा तो 50 हजार आबादी को होगी परेशानी

राजापुर पुल से एलसीटी घाट और कुर्जी मोड़ से दीघा तक गंगा प्रोटेक्शन वॉल के भीतर बने हैं हजारों घर पटना : गंगा नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है. बारिश के अलावा अन्य सहायक नदियों से पानी आने के कारण जल स्तर में वृद्धि हो रही है. बीते एक सप्ताह में गंगा ने कलेक्ट्रेट […]

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राजापुर पुल से एलसीटी घाट और कुर्जी मोड़ से दीघा तक गंगा प्रोटेक्शन वॉल के भीतर बने हैं हजारों घर
पटना : गंगा नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है. बारिश के अलावा अन्य सहायक नदियों से पानी आने के कारण जल स्तर में वृद्धि हो रही है. बीते एक सप्ताह में गंगा ने कलेक्ट्रेट से आगे कई घाटों पर पानी का स्तर बढ़ा है. भले ही अभी खतरे की कोई बात नहीं हो, लेकिन अगर ऐसी ही रफ्तार रही, तो एक सप्ताह में पानी बढ़ने से शहर के 50 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ की परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
दरअसल, गंगा प्रोटेक्शन वॉल को पार शहर में पानी आने का खतरा नहीं है. असल परेशानी राजापुर पुल से लेकर एलसीटी घाट और कुर्जी से आगे दीघा तक प्रोजेक्शन वॉल के भीतर बसे दस हजार से अधिक घरों के 50 हजार लोगों को है. जहां बाढ़ के पानी के खतरा होने की संभावना बनी है.
तीन वार्ड व कई मुहल्ले जद में : दरअसल, गंगा प्रोटेक्शन वॉल के भीतर तीन वार्ड मसलन, 22सी, 22ए व 22 का कुछ हिस्सा इस क्षेत्र में पड़ता है. जानकारी के अनुसार इस क्षेत्रों में दस हजार के अधिक घर है. इसके अलावा मैनपुर पंचायत के कई मुहल्ले, कुर्जी का क्षेत्र, दीघा का पाटीपुर क्षेत्र, गोसांई टोला के पांच हजार से अधिक घर इसकी जद में आते है. स्थानीय लोगों के मुताबिक अभी स्थिति अभी स्थिर हैं, लेकिन अगले एक माह तक स्थिति में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है.
बिंद टोली में बढ़ेगी परेशानी : बिंद टोली में भी भारी जल-जमाव की समस्या होती है. लगभग पांच सौ से अधिक घर हर वर्ष जल-जमाव की चपेट में आते हैं. इससे लगभग दो हजार से अधिक आबादी परेशान रहती है. इस बार भी संभावना भी वहां समस्या होने के आसार हैं. बिंद टोली में कुर्जी घाट से सटी बिल्कुल शहर का मामला है. चार वर्ष पहले जिला प्रशासन की ओर से कुर्जी बिंद टोली को बसाया गया था.
गेटों पर रखा गया बालू का बोरा
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी है. राजापुर पुल से लेकर कुर्जी व दीघा तक गंगा प्रोटेक्शन वॉल पर बने गेट पर बालू की बोरियां रखी गयी हैं, ताकि अगर पानी बढ़े, तो उसे रोका जा सके. वहीं नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से पूरी तैयारी की गयी है.
ऐसा नहीं की पानी बढ़ने की संभावना केवल गंगा सुरक्षा वॉल के भीतर रहने वाले घरों को ही हैं. प्रोटेक्शन वॉल के बाहर गोलघर-दीघा मार्ग के दूसरी तरफ शहर के दर्जनों अपार्टमेंटों व घरों में भी पानी आने की संभावना है. भले ही पानी वॉल को लांघ कर नहीं आये, लेकिन ड्रेनेज व सिवरेज पाइप सीधे गंगा की तरफ होने से पानी रिवर्स आने की संभावना रहती है. तीन वर्ष पहले भी कई अपार्टमेंटों में पानी आने की घटना हुई थी. बाद में जांच कराने के निर्देश दिये थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
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