पटना : फर्जी हस्ताक्षर से जालसाज ने पैसे निकालने की बनायी थी योजना

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Jun 2019 9:32 AM

विज्ञापन

जालसाजों का दिया चेक नहीं हुआ था यूनिवर्सिटी को इश्यू दूसरा हस्ताक्षर गड़बड़ होने के कारण पकड़ा गया पटना : पत्रकार नगर पुलिस के हत्त्थे चढ़ा जामताड़ा के जालसाज राजकुमार राम ने पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व के फाइनांस ऑफिसर आशानंद ठाकुर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किये गये चेक से साढ़े चार करोड़ की राशि […]

विज्ञापन
जालसाजों का दिया चेक नहीं हुआ था यूनिवर्सिटी को इश्यू
दूसरा हस्ताक्षर गड़बड़ होने के कारण पकड़ा गया
पटना : पत्रकार नगर पुलिस के हत्त्थे चढ़ा जामताड़ा के जालसाज राजकुमार राम ने पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व के फाइनांस ऑफिसर आशानंद ठाकुर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किये गये चेक से साढ़े चार करोड़ की राशि निकासी करने का प्रयास किया था.
जबकि बैंक में आशानंद ठाकुर के बाद फाइनांस ऑफिसर बने संजय कुमार का हस्ताक्षर था. जिसके कारण यह संभावना जतायी जा रही है कि जिन जालसाजों ने पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी का क्लोन चेक आशानंद ठाकुर के समय बनाया होगा और फिर वे यह जानकारी लेना भूल गये कि अब बैंक में दूसरे फाइनांस ऑफिसर का हस्ताक्षर है. एक तो साढ़े चार करोड़ रुपये की निकासी और दूसरा हस्ताक्षर गड़बड़ होने के कारण जालसाज राजकुमार राम पकड़ा गया.
सीसीटीवी फुटेज में तीन और साथी दिखे
पटना पुलिस की टीम ने इस मामले में अनुसंधान किया और बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज को खंगाला. जिसमें राजकुमार राम के साथ ही तीन अन्य लोगों की तस्वीर सामने आयी है, जो उस समय बैंक के अंदर व बाहर काफी सक्रिय थे. ये तीनों भी जामताड़ा के जालसाज गिरोह के सदस्य हैं. इसके साथ ही पटना जंक्शन के पास भी लगे सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज में उन लोगों की तस्वीर पुलिस को हाथ लगी है.
पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी को नहीं इश्यू हुआ था चेक : जानकारी के अनुसार, जालसाजों द्वारा चेक को बैंक में देकर निकासी की कोशिश के बाद पटना पुलिस की एक टीम व यूनिवर्सिटी की टीम ने पूरे मामले की जांच की. जिसमें यह निकल कर सामने आया है कि जिस चेक को देकर पैसे निकालने की कोशिश की गयी, उस नंबर का चेक यूनिवर्सिटी को इश्यू ही नहीं है. जालसाज ने क्लोन चेक बना लिया और उस पर रजिस्ट्रार व फाइनांस ऑफिसर के फर्जी हस्ताक्षर के बाद फर्जी मुहर लगा दिया था.
एकाउंट भी निकला फर्जी : सूत्रों के अनुसार जालसाज ने आरटीजीएस करने के लिए जिस अपने एकाउंट का जिक्र किया था, वह भी फर्जी है. उक्त एकाउंट झारखंड का बताया जा रहा है. हालांकि पुलिस विशेष जानकारी देने से इन्कार कर रही है. जालसाज राजकुमार राम के पास से कई अन्य संस्थाओं व संगठनों के भी चेक पुलिस को मिले हैं.
बनी विशेष टीम : पुलिस ने जालसाज से काफी पूछताछ की. जिसमें जामताड़ा के ही कई लोगों का नाम सामने आया है. विशेष टीम का गठन कर दिया गया है. इसके साथ ही राजकुमार राम को जेल भेज दिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन